दिसंबर से शुरू हो रहा पौष मास! जानें सूर्य पूजा का चमत्कारिक महत्व, ऐसे अर्घ्य दें और पाएं सुख-समृद्धि

दिसंबर से शुरू हो रहा पौष मास! जानें सूर्य पूजा का चमत्कारिक महत्व, ऐसे अर्घ्य दें और पाएं सुख-समृद्धि


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Paush Month Puja: पौष के महीने में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता, लेकिन इस दौरान सूर्य की पूजा करना और रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करने का विशेष महत्व होता है.जिन जातको की कुंडली मे सूर्य कमजोर है, उन्हें इस माह सूर्य की आरधना विशेष रूप से करना चाहिए.

उज्जैन. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पौष मास तप, अनुशासन और शुभ ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. इस पवित्र समय में प्रातःकाल सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना, पितरों का तर्पण करना और भगवान विष्णु का ध्यान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. ऐसा करने से घर में स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष मास में स्नान, दान, व्रत, तप और सूर्य की पूजा करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि दिसंबर में पौष महीना का आरंभ कब से हो रहा है और इसका धार्मिक महत्व क्या है.

कब से शुरू हो रहा है पौष माह?
इस वर्ष पौष मास 5 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 3 जनवरी 2026 तक चलेगा. शास्त्रों में इसे अत्यंत पुण्यदायी महीना बताया गया है. इस पवित्र समय में स्नान-दान, पितरों का तर्पण और सूर्यदेव की आराधना करने से व्यक्ति को धन-संपदा, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य का वरद-आशीष मिलता है. पौष अवधि के दौरान सूर्य प्रायः धनु राशि में स्थित रहते हैं, इसी कारण इस माह को ‘धनुर्मास’ के नाम से भी जाना जाता है.

जरूर करें यह काम सूर्य होंगे प्रसन्न 
– रोज सुबह स्नान के बाद घर के आंगन में ऐसी जगह चुनें, जहां से सूर्य देव के दर्शन होते हैं. इसके बाद तांबे के लोटे में जल भरें, जल में कुमकुम, चावल और फूल भी डालें. इसके बाद सूर्य को जल चढ़ाएं.

– सूर्य को जल चढ़ाने के बाद जरूरतमंद लोगों खाना दान करें. आप चाहें तो अनाज और धन का दान भी कर सकते हैं. किसी गौशाला में भी दान-पुण्य करें.

ग्रहों के राजा हैं सूर्य
उज्जैन के आचरण ने बताया कि किसी भी काम की शुरुआत पंचदेवों की पूजा के साथ ही होती है. सूर्य पूजा से कुंडली के नौ ग्रहों से संबंधित दोष दूर होते हैं. कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक न हो तो घर-परिवार और समाज में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहे, मान-सम्मान मिले, सफलता मिले, इसके लिए सूर्य की पूजा करनी चाहिए. इस महीने जो सूर्य की विधि-विधान से पूजा करता है उसके कुंडली मे कई दोष शांत होते है.

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Anuj Singh

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दिसंबर से शुरू हो रहा पौष मास! जानें सूर्य पूजा का चमत्कारिक महत्व

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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