मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, अशोकनगर जिला प्रशासन और सनसेट डेज़र्ट कैंप के सहयोग से चंदेरी इको रिट्रीट का तीसरा संस्करण शुरू हो गया है। देशभर से आए पर्यटक ऐतिहासिक नगरी चंदेरी में इतिहास, हैंडलूम, प्रकृति और रोमांच का अनोखा अनुभव ले रहे हैं। यहाँ लग्ज़र
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हॉट एयर बलून का लुत्फ उठा रहे पर्यटक इस बार भी एडवेंचर गतिविधियां रिट्रीट की सबसे बड़ी खासियत बनी हुई हैं। पैरामोटरिंग और हॉट एयर बलून के माध्यम से पर्यटक चंदेरी के किले, बावड़ियों और पुरानी बसाहटों को आसमान से देख रहे हैं। वहीं, कटी घाटी के हरे-भरे रास्तों पर एटीवी राइड और ज़िपलाइन जैसी गतिविधियाँ भी पर्यटकों को रोमांच का नया अनुभव दे रही हैं। लोगों का कहना है कि चंदेरी में इतिहास, प्रकृति और एडवेंचर तीनों का एक साथ मिलना इसे खास बनाता है।
कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो संदेश भेजकर चंदेरी की प्राकृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंदेरी तेजी से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कार्यक्रम में मौजूद रहकर चंदेरी के किलों, महलों और बावड़ियों को बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत बताया और यहां की संस्कृति को विशेष रूप से सराहा।
आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम रिट्रीट की रातें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से और भी खुशनुमा हो गई हैं। कविश सेठ के इंडी-फ्यूज़न ने पहला ही दिन यादगार बना दिया। आगे के दिनों में पद्मश्री कैलूराम बामनिया का मालवी कबीर गायन, राघवेंद्र कुमार की मोहन वीणा–सितार जुगलबंदी, “SANGAT” बैंड का फोक-फ्यूज़न और प्रतिभा पाठक की सूफी-लोक-कथा गायन जैसे बेहतरीन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पर्यटकों का कहना है कि चंदेरी इको रिट्रीट इतिहास, संगीत और रोमांच का एक संतुलित और यादगार अनुभव दे रहा है।
तस्वीरों में देखें ईको रिट्रीट की झलक

