देवास के महात्मा देवीदास घोड़े पर सवार होकर नर्मदा परिक्रमा कर रहे हैं।
अनूपपुर में मंगलवार को देवास के महात्मा देवीदास अमरकंटक स्थित माई की बगिया पहुंचे। दरअसल, वे अपने घोड़े पर सवार होकर नर्मदा परिक्रमा कर रहे हैं। उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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देवास से की अपनी नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत
महात्मा देवीदास को घोड़े पर परिक्रमा करते देख स्थानीय लोगों ने उनसे इस अनोखे तरीके से परिक्रमा करने का कारण पूछा। महात्मा ने बताया कि यह उनकी श्रद्धा का विषय है। इस प्रकार परिक्रमा करने से पशु को भी पुण्य मिलता है।
महात्मा देवीदास ने बताया कि उन्होंने देवास से अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू की है। उनका अनुमान है कि यह परिक्रमा दो से तीन महीने में पूरी हो जाएगी।
विभिन्न तरीकों से मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं संत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नर्मदा परिक्रमा का विशेष महत्व है। पुराणों में इसे बड़े सौभाग्य का कार्य बताया गया है। भक्त और संत महात्मा अपनी श्रद्धा के अनुसार विभिन्न तरीकों से मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं।