जबलपुर की आदिवासी बिटिया कामिनी, गोंड पेंटिंग से घर बैठे कमा रही हजारों, शादी में गिफ्ट करने आते हैं ऑर्डर

जबलपुर की आदिवासी बिटिया कामिनी, गोंड पेंटिंग से घर बैठे कमा रही हजारों, शादी में गिफ्ट करने आते हैं ऑर्डर


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Jabalpur News: जबलपुर की आदिवासी बिटिया कामिनी कुशराम ने गोंड पेंटिंग में अपना हुनर दिखाया. छह महीने की ट्रेनिंग के बाद अब वे महीने में 20–25 हजार रुपये घर बैठे कमाती हैं. शादी और सेमिनार में पेंटिंग के ऑर्डर आते हैं. कामिनी की कला आदिवासी समाज में खास लोकप्रिय है और ग्रामीण अंचल की युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

जबलपुर. वो कहते हैं प्रतिभा हुनर का मोहताज नहीं होती है. ऐसा ही हुनर है, जबलपुर की आदिवासी बिटिया कामिनी कुशराम का, जो अपने हाथों से अद्भुत गोंड पेंटिंग बनाने का काम कर रही हैं, इतना ही नहीं पेंटिंग इतनी शानदार होती है कि कामिनी को शादी में गिफ्ट करने के लिए तक ऑर्डर आते हैं. कामिनी महीने में 20 से 25 हजार तक घर बैठे आसानी से कमा लेती हैं.

कामिनी ने न्यूज़ 18 डिजिटल से बताया जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर कुंडम ब्लॉक में रहती हैं. आजीविका मिशन के माध्यम से पेंटिंग क्लास की जानकारी लगी थी. जिसके बाद 6 महीने पहले 15 दिन की ट्रेनिंग ली थी. जहां से गोंड पेंटिंग बनाने का काम सीखा था. लिहाजा अब यही ट्रेनिंग से पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम गोंड पेंटिंग बनाने का भी काम करती हैं. जिससे कामिनी का घर का खर्चा चल जाता है.

सेमिनार में पेंटिंग करते हैं सेल, शादी के आते हैं ऑर्डर 
उन्होंने बताया किसी भी मार्केट में जाकर पेंटिंग को नहीं बेचते हैं, जब सेमिनार होते हैं, तब सेमिनार में जाकर पेंटिंग को बेचते हैं. इसके अलावा घर में ही अक्सर कॉल पर आर्डर मिल जाते हैं. जहां अक्सर लोग शादी के लिए गोंड जनजाति की पेंटिंग को पसंद करते हैं और गिफ्ट के तौर पर देते हैं. उन्होंने बताया सारी पेंटिंग्स घर में ही फ्री टाइम में बनाते हैं. जो अलग-अलग डिजाइन की होती हैं. जिससे लोगों को यह पेंटिंग काफी पसंद आती है.

आदिवासी समाज का ज्यादातर होता है रुझान 
उन्होंने बताया पेंटिंग को लेकर आदिवासी समाज का ज्यादातर रुझान होता है क्योंकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं. जिसके चलते बड़ी संख्या में पेंटिंग सेल की जाती है उन्होंने बताया सामान्य पेंटिंग से गोंड पेंटिंग अलग होती है. जहां बारीकी से  गोंड पेंटिंग को बनाया जाता है. बहरहाल अब इसी पेंटिंग के सहारे जबलपुर के ग्रामीण अंचल से आने वाली आदिवासी बिटिया हजारों रुपए कमा रही हैं.

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Anuj Singh

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जबलपुर की आदिवासी बिटिया कामिनी, गोंड पेंटिंग से घर बैठे कमा रही हजारों



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