सतना जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीकृत करीब 4300 किसानों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। राज्य शासन ने उनके सिकमी पंजीयन वाले रकवे को असत्यापित घोषित कर दिया है। इससे वे अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं, जबकि
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किसानों को इस स्थिति की जानकारी तब मिली जब वे धान लेकर खरीद केंद्र पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उनके पंजीयन में दर्ज रकवे संदिग्ध हैं, इसलिए पूरा पंजीयन असत्यापित कर दिया गया है। इससे किसान काफी परेशान और नाराज हैं।
पहले किया गया था सत्यापन, केंद्र पर पहुंचने असत्यापित मिले
करीब एक माह पहले किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीयन करा लिया था। उस समय तहसीलदारों द्वारा सिकमी रकवों का सत्यापन भी किया गया था, जिसके बाद किसान निश्चिंत हो गए थे। कई किसानों को 2 दिसंबर को धान बेचने का स्लॉट मिला था, पर केंद्र पहुंचने पर उनके रकवे असत्यापित मिले।
राज्य शासन के निर्देश पर संदिग्ध पंजीयन की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। डीएसओ सम्यक जैन ने बताया कि टीम में तहसीलदार, क्षेत्रीय जेएसओ और सहकारिता निरीक्षक शामिल होंगे। यह टीम किसानों का सत्यापन करेगी और जरूरत पड़ने पर दस्तावेज भी मांगेगी। रिकॉर्ड सही पाए जाने पर किसानों की धान खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी।