आखिर खंडवा क्यों है इतना संवेदनशील? विधानसभा में दो मंत्री बोले- यहां SAF बटालियन की जरूरत

आखिर खंडवा क्यों है इतना संवेदनशील? विधानसभा में दो मंत्री बोले- यहां SAF बटालियन की जरूरत


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MP Vidhan Sabha Winter Session : MP विधानसभा के शीतकालीन सत्र में खंडवा की कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के ही कई नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए, जिससे सरकार असहज हो गई. विधायक कंचन तनवे ने क्षेत्र में एसएएफ बटालियन की मांग की, जबकि मंत्री पटेल ने इसे गैर-ज़रूरी बताया. बाद में कैलाश विजयवर्गीय और विजय शाह ने खंडवा की संवेदनशीलता पर जोर देकर बटालियन की मांग को सही ठहराया.

एमपी विधानसभा.

MP Vidhan Sabha Winter Session : मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान खंडवा जिले की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते समय सत्तापक्ष के ही विभिन्न मंत्रियों और विधायकों के अलग-अलग बयान सामने आ गए. इससे सरकार थोड़ी असहज स्थिति में आ गई. खंडवा शहर की भाजपा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने प्रश्नकाल में अपने क्षेत्र में एसएएफ (सशस्त्र पुलिस बल) की बटालियन स्थापित करने की मांग उठाई.

उनके सवाल का जवाब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दिया. पटेल ने कहा कि खंडवा में फिलहाल दो थानों और सात चौकियों को अपग्रेड किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि एसएएफ बटालियन की स्थापना का प्रस्ताव खरगोन में है और खंडवा में इसकी जरूरत नहीं समझी गई है.

इस पर विधायक तनवे ने आपत्ति जताते हुए कहा कि खंडवा के पेठिया गांव स्थित एक मदरसे से पुलिस पहले ही 20 लाख रुपए के नकली नोट बरामद कर चुकी है. उन्होंने बताया कि यह इलाका सिमी और अन्य आतंकी गतिविधियों के संदिग्ध दायरे में आता है, इसलिए वहां तुरंत पुलिस बटालियन की जरूरत है. जिस पर पटेल ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर खरगोन से एक घंटे के भीतर फोर्स भेजा जा सकता है.

बहस के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बीच में बोले. उन्होंने कहा कि खंडवा की स्थिति इतनी संवेदनशील है कि त्योहार भी पुलिस सुरक्षा के बिना नहीं मनाए जा सकते. मदरसे से नकली नोट मिलने की घटना को उन्होंने बेहद गंभीर बताया और कहा कि वहां बटालियन की जरूरत पूरी तरह सही है.

मंत्री विजय शाह भी इस मुद्दे पर तनवे का समर्थन करते नजर आए. उन्होंने कहा कि खंडवा लंबे समय से गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. यह जिला आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल रहा है. यहां जेल टूटने और एनकाउंटर जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि बटालियन स्थापित करने के लिए 100 एकड़ भूमि पहले से आरक्षित है.

स्थिति सरकार के लिए पेचीदा होती देख राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान को ही सरकार की आधिकारिक राय माना जाए. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार खंडवा की संवेदनशील स्थिति को लेकर सतर्क है.

खंडवा क्यों संवेदनशील माना जाता है?
28 नवंबर 2009 को बकरीद के दिन हुए तिहरे हत्याकांड में सिमी आतंकियों ने एटीएस जवान सीताराम यादव, वकील संजय पाल और बैंक मैनेजर रविशंकर पारे की हत्या कर दी थी. इसके बाद शहर में सिमी की गतिविधियां सामने आई थीं. गणेश और दुर्गा विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान कई बार पथराव, लाठीचार्ज और कर्फ्यू की घटनाएं भी घट चुकी हैं. रेलवे जंक्शन होने की वजह से आरोपी यहां से देशभर में आसानी से आवाजाही कर सकते हैं. त्योहारों के समय अक्सर तनाव की स्थिति बन जाती है और प्रशासन को बाहर से अतिरिक्त फोर्स बुलवानी पड़ती है. जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं और सांसद तथा नगर निगम अध्यक्ष भी भाजपा से ही हैं.

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Anuj Singh

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