ग्वालियर में महादेव के दरबार में ढाई घंटे चली पंचायत: लापता रितेश की मां बोली- बच्चे के गुम होने में मेरा हाथ, तो मेरे भाई खत्म हो जाएं – Gwalior News

ग्वालियर में महादेव के दरबार में ढाई घंटे चली पंचायत:  लापता रितेश की मां बोली- बच्चे के गुम होने में मेरा हाथ, तो मेरे भाई खत्म हो जाएं – Gwalior News


गिरगांव महादेव की अदालत में पंचायत में मासूम की तलाश के लिए मां-पिता अपनी-अपनी बात कहते हुए।

ग्वालियर में 32 दिन से लापता मासूम रितेश की तलाश में पुलिस लगभग सभी एंगल पर जांच कर चुकी है। पुलिस को बच्चे की मां और पिता के परिवारों पर शक है। पुलिस की सलाह पर मंगलवार को गिरगांव महादेव की अदालत में यह मामला दर्ज हुआ। दोपहर 12 बजे मासूम की खोज के ल

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अदालत में रितेश के माता-पिता ने खाई कसम

पंचायत के बाद मजिस्ट्रेट महादेव के सामने रितेश की मां सपना पाल ने कसम खाई- “मैं धरम लेती हूं कि यदि रितेश के गायब होने में मेरा हाथ हो, तो मेरे दोनों भाई मर जाएं। यदि मेरी भाभी का हाथ हो, तो उनके बच्चों की जान चली जाए।”

इसके बाद रितेश के पिता दलवीर ने कसम खाई “यदि मैंने अपने बेटे को गायब किया है या मुझे उसके बारे में जानकारी है, तो मेरा बड़ा बेटा खत्म हो जाए।”

दोनों परिवारों ने खाई कसम।

इस तरह हुआ दोनों परिवारों का ‘लॉयल्टी टेस्ट’

5 दिन की मियाद दी गई

महादेव की अदालत में पंचों ने फैसला दिया कि दोनों पक्षों ने धर्म उठाया है। अब सत्यापन के लिए महादेव पांच दिन का समय देंगे। यदि 06 दिसंबर शाम 6 बजे तक किसी भी परिवार को 50 हजार रुपए या उससे अधिक का आर्थिक नुकसान, जनहानि या पशु हानि होती है, तो वही परिवार दोषी माना जाएगा। यदि किसी को भी नुकसान नहीं होता, तो दोनों निर्दोष माने जाएंगे।

महादेव की अदालत में तैयार हुआ पंचनामा

पंच अमर सिंह और पंच चौधरी दीपक सिंह अहमाना की उपस्थिति में पंचनामा लिखा गया। इसमें दर्ज है कि 2 दिसंबर 2025 को गिरगांव महादेव मंदिर पर धर्म आया है। मोहनपुर निवासी सपना, जिसका बच्चा घर के दरवाजे से गुम हुआ का अपने ससुराल पक्ष से मनमुटाव है। सपना और उसके पति दलवीर एक-दूसरे पर बच्चे को गायब करने का शक कर रहे हैं।

निर्धारित अनुसार, यदि धर्म अवधि में (2 दिसंबर से 6 दिसंबर शाम 5 बजे तक) किसी भी पक्ष को नुकसान हुआ, तो वही दोषी माना जाएगा।

यह है पंचनामा।

यह है पंचनामा।

महादेव की महिमा: झूठी कसम पर ‘सजा’ का दावा

पंचों ने बताया कि यहां झूठी कसम खाने वालों को “सजा” मिलती है। साल 2022 का मिर्ची बाबा का केस सबसे चर्चित रहा। उन्होंने चंदे को लेकर विवाद में महादेव के सामने कसम खाई थी कि यदि चंदा लिया है, तो वे अगले दिन का सूरज नहीं देख पाएंगे। उसी रात क्राइम ब्रांच ने उन्हें रेप केस में गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना को लोग महादेव की कसम के परिणाम के रूप में मानते हैं।

रितेश को लापता हुए 32 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस को बच्चे की मां सपना और मामी ज्योति पाल पर संदेह है। पुलिस कई बार उनसे सख्ती से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब तक किसी तरह की सफलता नहीं मिली है।

सपना और ज्योति का आरोप है कि “पुलिस हम पर दबाव बना रही है। महिला अधिकारी बार-बार आकर धमकाती हैं कि बच्चा कहां छुपा रखा है, बता दो। पुलिस रिश्तेदारों को भी उठा रही है।”

गिरगांव वाले महादेव को मजिस्ट्रेट महादेव के नाम से जाना जाता है।

गिरगांव वाले महादेव को मजिस्ट्रेट महादेव के नाम से जाना जाता है।

पति से अलग रह रही थी बच्चे की मां

ग्वालियर के मुरार के मोहनपुर गांव में सपना पाल की शादी चंदन नगर निवासी दलवीर सिंह से हुई है। दोनों के दो बेटे हैं। विवादों के चलते सपना पिछले छह माह से मायके मोहनपुर में रह रही थी। बड़ा बेटा पति के पास है, जबकि तीन वर्षीय रितेश सपना के साथ रहता था।

1 नवंबर को दोपहर 12 बजे रितेश घर के आंगन में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। कुछ ही देर बाद दूसरे बच्चे जंगल की ओर बकरी चराने चले गए, लेकिन रितेश वहीं रह गया। लगभग 30 मिनट बाद जब सपना उसे बुलाने पहुंची, तो वह वहां नहीं मिला।

परिजनों ने तलाश की, पर कोई सफलता नहीं मिली। उसी शाम मुरार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला।

बेटे रितेश के इंतजार में मां मोबाइल पर उसकी तस्वीरें देखती रहती है।

बेटे रितेश के इंतजार में मां मोबाइल पर उसकी तस्वीरें देखती रहती है।

पुलिस बोली- महादेव की पंचायत में पुलिस की भूमिका नहीं

ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा “बच्चा 32 दिन से लापता है। कई एंगल पर जांच चल रही है। मां और पिता के बयान परस्पर विरोधाभासी हैं। गिरगांव महादेव पर पंचायत कराने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।”



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