Last Updated:
खरगोन के पुश चिकित्सक डॉ. खेमेंद्र रोकड़े बताते हैं कि यह मौसम नस्ल सुधार के लिए सबसे उपयुक्त है. पशु पालकों को चाहिए कि इस समय अपने फीमेल पशुओं की ब्रीडिंग उन्नत नस्ल के सांड से करवाएं. इससे अगली पीढ़ी मजबूत, स्वस्थ और ज्यादा दूध देने वाली होती है…
Animal Husbandry: सर्दियों का मौसम पशुओं के गर्भधारण के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. वेटनरी एक्सपर्ट्स के अनुसार इस समय फीमेल पशु स्वाभाविक रूप से गर्म होती है, जिससे प्रेग्नेंसी के चांसेज बढ़ जाते हैं. इसी समय यदि पशु पालक सही नस्ल के सांड या बेहतर सीमन का उपयोग करें तो नस्ल सुधार के साथ दूध उत्पादन भी बढ़ता है.
खरगोन के वेटनरी डॉ. खेमेंद्र रोकड़े बताते हैं कि ठंड में गर्भधारण करवाने का बड़ा फायदा यह है कि अगस्त–सितंबर में डिलेवरी होती है. इस समय खेतों में हरा चारा भरपूर मिलता है, जो जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हरा चारा मिलने से पशुओं की कमजोरी कम होती है और मृत्यु दर घटती है.
यहां मिलेंगे सस्ते सेक्स-सॉर्टेड सीमन
डॉ. रोकड़े बताते हैं कि यह मौसम नस्ल सुधार के लिए भी सबसे उपयुक्त है. पशु पालकों को चाहिए कि इस समय अपने फीमेल पशुओं की ब्रीडिंग उन्नत नस्ल के सांड से करवाएं. इससे अगली पीढ़ी मजबूत, स्वस्थ और ज्यादा दूध देने वाली होती है, जो आय में भी बढ़ोतरी करती है. उन्होंने बताया कि कई पशु पालक महंगे सेक्स-सॉर्टेड सीमन खरीदने से कतराते हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में यही सुविधा सब्सिडी पर उपलब्ध है. मतलब, कम लागत में अच्छा सीमन लेकर अपने पशु की ब्रीडिंग करवा सकते हैं.
सिर्फ 150 रूपये आएगा खर्च
सबसे खास बात ये कि इसके लिए पशु पालक को अस्पताल तक भी नहीं जाना पड़ता. सरकार ने 1962 का टोलफ्री नंबर जारी किया है, जिस पर कॉल करके पशु पालक घर बैठे कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा ले सकते हैं. डॉ. रोकड़े बताते हैं कि पूरी सेवा का खर्च सिर्फ 150 रुपए पड़ता है. इसमें प्रशिक्षित टेक्नीशियन आपके घर पहुंचकर पशु का कृत्रिम गर्भाधान करते हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की निगरानी भी करते हैं.
दुग्घ उत्पादन बढ़ाने में लाभ
उन्होंने बताया, कृत्रिम गर्भाधान का सबसे बड़ा फायदा ये कि इससे पशुओं में नस्ल सुधार तेजी से होता है. यदि कोई गाय या भैंस अभी 6 से 10 लीटर दूध दे रही है, तो बेहतर सीमन का उपयोग करके अगली बार वही पशु अधिक मात्रा में दूध दे सकता है. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि सर्दियों में सही तरीके से ब्रीडिंग करवाई जाए तो पशु ज्यादा दूध देता है, कम बीमार पड़ता है. बच्चे भी स्वस्थ रहते हैं.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें