भाई की जगह लड़कों के मैच में खेलने उतरी… जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड

भाई की जगह लड़कों के मैच में खेलने उतरी… जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड


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Shafali Verma untold story: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा ने बताया है कि कैसे उन्हें शुरुआती दिनों में क्रिकेट खेलने के लिए संघर्ष करना पड़ा. दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली ने कहा कि उन्होंने अपनी क्रिकेट स्किल को निखारने के लिए लड़कों के साथ क्रिकेट खेली. शेफाली ने भारत को महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई. ‘कौन बनेगा करोड़पति’के सेट पर अमिताभ बच्चन को शेफाली ने अपनी संघर्ष के दिनों को याद कर विस्तार से बताया.

शेफाली वर्मा ने कौन बनेगा करोड़पति के शो पर अमिताभ बच्चन से अपनी क्रिकेट जर्नी के बारे में खुलकर बात की.

नई दिल्ली. शेफाली वर्मा महिला क्रिकेट में जाना पहचाना नाम है. छोटी उम्र में क्रिकेट के मैदान पर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकीं शेफाली के लिए क्रिकेटर बनने का सफर आसान नहीं रहा है. शेफाली ने उस जगह पर क्रिकेट सीखी है जहां पर लड़कियों के लिए कोई क्रिकेट अकादमी नहीं था. फिर उन्होंने इस खेल को सीखने के लिए भाई का सहारा लिया. जो रोज क्रिकेट कोचिंग के लिए अकादमी जाया करता था. शेफाली भी अपने भाई साहिल के साथ रोज कोचिंग सेंटर जाया करती थीं और पीछे बैठकर भाई की प्रैक्टिस देखा करती थीं. हरियाणा की इस उदीयमान महिला क्रिकेटर आज विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा हैं.

‘कौन बनेगा करोड़पति’ के आने वाले एपिसोड में युवा क्रिकेट स्टार शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ अपनी छोटी सी शुरुआत से क्रिकेट स्टार बनने तक के अपने सफर के बारे में बताया. शेफाली ने अपने भाई के कोचिंग सेशन के ज़रिए क्रिकेट में अपनी अलग तरह की एंट्री के बारे में बताया. वर्ल्ड चैंपियन क्रिकेटर शेफाली ने कहा, ‘मेरी फैमिली आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थी. मेरे पिता पहले मेरे भाई को क्रिकेट कोचिंग के लिए ले गए. मैं उनके साथ जाती और पीछे से उन्हें चिढ़ाती, कहती कि ड्रिल आसान लग रही है. एक दिन मेरे पिता ने मुझसे खुद इसे आजमाने को कहा. मैंने जो पहली दो बॉल खेली उसे मैंने अच्छी हिट की. इससे मेरे पिता बहुत प्रभावित हुए.’

शेफाली वर्मा ने कौन बनेगा करोड़पति के शो पर अमिताभ बच्चन से अपनी क्रिकेट जर्नी के बारे में खुलकर बात की.

‘वही मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ’
शेफाली वर्मा ने कहा, ‘हमारे घर के पास कोई विमेंस क्रिकेट एकेडमी नहीं थी. इसलिए मैंने लड़कों के साथ खेलना शुरू कर दिया. जब एक टूर्नामेंट से पहले मेरा भाई बीमार पड़ गया, तो मैंने उसकी ‘साहिल’ नाम की टी-शर्ट पहनी और उसकी जगह खेला… और मैं प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बन गई. वही मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. ओपनर शेफाली से जब शो में उनसे टीम इंडिया के लिए डेब्यू स्कोर के बारे में अमिताभ बच्चन ने पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें जीरो रन से शुरुआत करने में शर्मिंदगी महसूस हुई. अमिताभ बच्चन ने हिम्मत बढ़ाते हुए कहा, ‘शर्मिंदा मत हो… ‘जिसका जीरो होता है, बाद में जाकर हीरो होता है.’

शेफाली वर्मा का क्रिकेट करियर
शेफाली वर्मा ने भारत के लिए 5 टेस्ट, 31 वनडे और 90 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. 21 साल की इस होनहार क्रिकेटर ने टेस्ट मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 567 रन बनाए हैं वहीं वनडे में उनके नाम 741 रन दर्ज है. जिसमें पांच हाफ सेंचुरी है वहीं टी20 में 11 अर्धशतकों की मदद से 2221 रन बनाए हैं.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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