झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र के असलिया गांव में शुक्रवार सुबह मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के आउटसोर्स कर्मचारी जेमाल पिता लालू गामड़ (45) की करंट लगने से मौत हो गई।
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यह घटना उस समय हुई जब जेमाल गांव में बिजली की लाइन सुधारने का काम कर रहे थे। घटना के बाद आक्रोशित परिजन शव को लेकर पेटलावद स्थित ग्रिड पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
परिजन बोले- परमिट के बाद भी चालू की लाइन
यह हादसा सुबह करीब 10 बजे असलिया में तालाब के अंदर लगी एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) पर हुआ। मृतक जेमाल गामड़, जो कोदली गांव के धर्मेंद्र के साथ लाइन सुधारने के काम में लगे थे, खंभे पर चढ़े हुए थे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मरम्मत के लिए परमिट लिया गया था, यानी लाइन बंद होनी चाहिए थी। लेकिन इसी दौरान अचानक बिजली चालू हो गई। अचानक लगे तेज करंट के झटके से जेमाल खंभे के ऊपर ही बुरी तरह से जल गए। करंट लगने के बाद वह नीचे गिर पड़े, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। करंट लगने से उनका सिर और पूरा हाथ बुरी तरह झुलस गया था।
शव लेकर सब-स्टेशन पहुंचे परिजन
घटना से ग्रामीण और परिजन गहरे आक्रोश में हैं। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण मृतक जेमाल का शव लेकर सीधे पेटलावद ग्रिड सब-स्टेशन पहुंचे। उन्होंने शव को ग्रिड परिसर में रखकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
सूचना मिलते ही एसडीओपी अनुरक्ति साबनानी, नायब तहसीलदार विजेंद्र कटारे, और नायब तहसीलदार अंकिता भिड़े मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया।

20 हजार की अंत्येष्टि सहायता दी
अधिकारियों की समझाइश के बाद, दोपहर करीब 3:30 बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। इसके साथ ही, अधिकारियों ने मौके पर ही मृतक के बेटे को तत्काल 20 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता राशि प्रदान की। अधिकारियों ने परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत अन्य सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।