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Indore News: डॉक्टर उपेंद्र पांडेय ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि महिला की शुरुआती जांच और सोनोग्राफी-सीटी स्कैन करवाया, तो पता चला कि उसके पेट में दो बहुत बड़ी गांठें हैं. यह मामला इतना नाजुक और रेयर था कि महिला की जान को खतरा था.
इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर के एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी को अंजाम दिया है. एक महिला के पेट से 15 किलो की गठान को निकाला गया है. ये गठान कैंसर का कारण भी बन सकती थी. मिली जानकारी के अनुसार, खरगोन जिले के डाबिया गांव की रहने वाली मसली बाई पिछले कई महीनों से पेट में लगातार दर्द, सूजन और बेचैनी से जूझ रही थीं. उनका पेट धीरे-धीरे फूलता जा रहा था लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानकर टाल दिया. जब दर्द हद से ज्यादा बढ़ गया और उनकी हालत गंभीर होने लगी, तब उन्हें इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल लाया गया और सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया.
डॉक्टर उपेंद्र पांडेय ने लोकल 18 को बताया कि शुरुआती जांच और सोनोग्राफी-सीटी स्कैन करवाया, तो पता चला कि महिला के पेट में दो बहुत बड़ी गांठें हैं. यह मामला इतना गंभीर और रेयर था कि मरीज की जान को खतरा था. चौंकाने वाली बात यह थी कि गठानों का कुल वजन लगभग 15 किलोग्राम था. वहीं सर्जरी से पहले महिला का कुल वजन सिर्फ 45 किलोग्राम के आसपास था, यानी उनके शरीर का एक-तिहाई वजन सिर्फ इन गठानों का था. ये ट्यूमर निकालना आसान नहीं था क्योंकि अगर गलती से ये ट्यूमर महिला के शरीर में फट जाते, तो आंतों और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकते थे. इस तरह की गठानें कैंसर कारक होती हैं, जिससे कैंसर का खतरा भी बना रहता है. महिला को खून की भी काफी कमी हो गई थी और ऑपरेशन के दौरान भी ब्लड निकलता है, इसलिए उन्हें पहले खून चढ़ाया गया.
दूसरे अंगों पर भी बन रहा था दबाव
उन्होंने आगे बताया कि इन गठानों में से एक गांठ महिला की बच्चेदानी में थी जबकि दूसरी गांठ अंडाशय में थी, जिसे ओवेरियन सिस्ट या ट्यूमर भी कहते हैं. गठानों का आकार इतना बड़ा हो चुका था कि पेट के दूसरे जरूरी अंगों पर भी तेजी से दबाव बन रहा था, जिससे महिला की सेहत लगातार बिगड़ रही थी. डॉक्टरों ने तुरंत महिला की सर्जरी कर इन गठानों को निकाला. महिला का वजन सर्जरी से पहले 45 किलो था, जो बाद में घटकर 30 किलो रह गया.
सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ
ऑपरेशन के बाद मसली बाई की हालत में तेजी से सुधार आया. डॉक्टर ने बताया कि अगर ये गठानें समय रहते नहीं निकाली जातीं, तो मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता. अच्छी बात यह है कि सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ है और अपने परिजनों के साथ घर चली गई हैं. डॉक्टर ने निकाली गई गठानों को आगे परीक्षण के लिए भेजा है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.