मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कृषि और किसान कल्याण विभाग की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक बीघा से एक लाख रूपए की कमाई करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाए। नवाचारों से अवगत कराने के लिए किसानों को अलग-अलग देशों का भ्रमण कराया जाए। किसानों को बिचौलियों से बचाने और उन्हें बाजार में अपनी उपज का सीध
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किसान कल्याण और कृषि विभाग के दो साल के कामों की समीक्षा दो दिन पहले सीएम ने अचानक टाल दी थी और दिल्ली चले गए थे। इसके चलते शुक्रवार को विभाग के मंत्री और अफसरों के साथ समीक्षा बैठक कर तीन सालों की प्लानिंग की जानकारी ली गई। इस दौरान कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, पशुपालन मंत्री लखन पटेल के अलावा पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद रहे।
बैठक में सीएम ने कहा कि हर संभाग की नर्सरियों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए। नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना विकसित की जाए। किसानों तक खाद की आसान पहुंच के लिए अपडेट तकनीक का उपयोग करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों तथा नवाचारों का प्रस्तुतिकरण किया गया ।
आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना
- प्रदेश के सभी 363 नगरपालिका, नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक, प्राकृतिक हाट बाजार लगाए जाएंगे।
- पर ड्रॉप मोर क्रॉप – दबाव सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 25 हजार, वर्ष 2026-27 में एक लाख और वर्ष 2027-28 में दो लाख हेक्टेयर का लक्ष्य है।
- नरवाई (पराली) प्रबंधन के अंतर्गत पराली जलाने की घटनाओं में वर्ष 2027-28 तक 80 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा है।
- आगामी दो वर्षों में सभी मंडियों का हाईटेक बनाया जाएगा।
- तिलहन, दलहन फसलों में आत्मनिर्भरता के लिए क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।
- कृषि में अनुसंधान कार्ययोजनाओं को प्रोत्साहन देते हुए प्रयोगशाला से खेत की दूरी को कम किया जाएगा।
ये हैं कृषि विभाग की उपलब्धियां
- प्रदेश दालों, तिलहन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम तथा खाद्यान्न, अनाज एवं गेहूं उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है।
- वर्ष 2024-25 में 38.10 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 21.41 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी + एनपीके वितरित किया गया। वर्ष 2025-26 में 29.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 30 नवम्बर तक 19.42 मीट्रिक टन डीएपी + एनपीके का वितरण हुआ।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा में वर्ष 2023-24 में 1 करोड़ 77 लाख बीमित किसानों को 961.68 करोड़ रुपए और वर्ष 2024-25 में 1 करोड़ 79 लाख बीमित किसानों को 1275.86 करोड़ रुपए के दावे का भुगतान किया गया।
- मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 4,687 करोड़ रुपए, वर्ष 2024-25 में 4,849 करोड़ रुपए और वर्ष 2025-26 में 3,374 करोड़ की सहायता राशि वितरित की गई।
- प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना लागू हो चुकी है। इसके लिए स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ।
- मंडी बोर्ड द्वारा एमपी फॉर्म गेट ऐप से किसान अपने दाम पर, अपने घर, अपने खलिहान और गोदाम से अपनी कृषि उपज बेचने में सक्षम हुआ। इस नवाचार को स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त हुआ।
- पराली प्रबंधन के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 1312, वर्ष 2024-25 में 1757 और वर्ष 2025-26 में 2479 नरवाई कृषि यंत्र वितरित किए गए।
- कृषि यंत्रीकरण के अंतर्गत भोपाल और इंदौर में ड्रोन पायलट स्कूल आरंभ हुए।
- ई-विकास पोर्टल से उर्वरक वितरण का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा, शाजापुर और जबलपुर में क्रियान्वित किया गया। इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
अफसरों को ये निर्देश भी दिए गए
- समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।
- नवाचारों से अवगत कराने के लिए किसानों को अलग-अलग देशों का भ्रमण कराया जाए।
- कृषि वर्ष का मासिक कैलेंडर तैयार किया गया, जिसमें किसानों को साथ लेकर राज्य से जिला स्तर तक महोत्सव, मेले आदि की रूपरेखा बनी।
- कृषि वर्ष 2026 में प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने के होंगे प्रयास।