जिला अस्पताल में मौजूद मृतक के परिवार वाले।
गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के झागर गांव में 20 साल के युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया। वह सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि मूल रकम चुकाने के बाद भी सूदखोर उससे और पैसों की मांग कर रहे थे। शनिवार सुबह ज
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मृतक के पिता गिर्राज किरार ने बताया कि उनका बेटा विकास किरार (20) गांव में ही पानी-पताशे का ठेला लगाता था। शुक्रवार शाम करीब 8 बजे वह घर आया और सीधे अपने कमरे में चला गया। वहां उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। कुछ देर बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगा। परिजन घबराहट में उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
‘ब्याज के 1-2 हजार के लिए देते थे जान से मारने की धमकी’ मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि विकास ने पिछले साल 5 लोगों से करीब 5 लाख रुपए का कर्जा लिया था। परिवार को पता चला तो उन्होंने खेत की उपज और अन्य इंतजाम कर पैसे लौटा दिए थे। लेकिन, ब्याज के कुछ पैसे रह गए थे। किसी के 2 हजार तो किसी के 1 हजार रुपए बाकी थे। सूदखोर उसे अकेले में ले जाकर धमकाते थे। कहते थे- “अगर इस तारीख तक पैसे नहीं दिए, तो जान से मार देंगे।” इसी दबाव में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
घर का इकलौता था विकास विकास अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन भी है। पिता खेती-किसानी करते हैं, जबकि विकास ठेला लगाकर परिवार की मदद करता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।