IND vs SA: टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत की दहाड़ के बाद वनडे सीरीज में भारत के सामने साउथ अफ्रीका भीगी बिल्ली साबित हुई. रोहित-कोहली के सामने मेहमानों की रंगबाजी नहीं चली और आखिरी वनडे में 9 विकेट की हार मिली. 2-1 से सीरीज की हार के बाद टेम्बा बावुमा खुद को सांत्वना देते नजर आए. पिछले मैच में जीत के बाद बावुमा एंड कंपनी काफी कॉन्फिडेंट थी, लेकिन निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया की एकतरफा जीत ने मुकाबले को बुरा सपना बना दिया है. जायसवाल का शतक और रोहित-कोहली की फिफ्टी की बदौलत भारत ने 61 गेंद रहते 271 रन के लक्ष्य को हासिल किया.
क्या बोले टेम्बा बावुमा?
हार के बाद टेम्बा बावुमा ने कहा, ‘हम आज इस मैच को और भी मजेदार बनाना चाहते थे. मुझे लगता है कि असल बात यह है कि बैटिंग के नजरिए से, हमारे पास बोर्ड पर ज्यादा रन नहीं थे. मुझे लगता है कि जैसा कि सीरीज में हुआ है, लाइट्स में बॉल के स्किड करने पर यह आसान हो जाता है, तो शायद हमने थोड़ी समझदारी दिखाई. बीच की इनिंग्स में, इस तरह विकेट देना हमेशा आप पर प्रेशर डालता है. आज बॉल के साथ फाइट की, उस पहले टर्न में, हम बहुत बेहतर थे.
बैटिंग पर फोड़ा हार का ठीकरा
उन्होंने आगे कहा, ‘ज्यादा स्कोरबोर्ड प्रेशर के बिना स्पिनर्स उन्हें रिस्क लेने की जरूरत नहीं थी. लेकिन आखिर में, इंडियन टीम ने अपनी क्वालिटी दिखाई, उन्हें शाबाशी. मुझे लगता है जैसा मैंने कहा, हम और भी समझदारी दिखा सकते थे. मुझे लगता है, अगर मैं पहले दो ODIs को देखूं, तो जब स्पिनर्स आए तो हमें खुद पर काफी गर्व था. लड़कों ने स्पिनर्स का सामना करने की कोशिश की. मुझे लगता है कि शायद आज, कंडीशंस थोड़ी अलग हैं.’
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पार्टनरशिप बनाना मुश्किल था- बावुमा
उन्होंने कहा, ‘आप इस तरह से विकेट नहीं खोना चाहेंगे. देखिए, इससे पार्टनरशिप बनाना मुश्किल हो गया और आप 50 ओवर के गेम में कभी भी ऑल आउट नहीं होना चाहते. मुझे लगता है कि हम निश्चित रूप से आगे बढ़े हैं. देखिए, हमारी टीम में कुछ युवा चेहरे हैं. हम इस बारे में बहुत बात करते हैं कि हम कैसे खेलना चाहते हैं, गेम को अपोज़िशन तक ले जाना चाहते हैं और मुझे लगता है कि हमने ऐसा किया. इंडिया के पास क्वालिटी स्पिनर हैं और उन पर प्रेशर डालना कभी आसान नहीं होता. सीरीज़ के बड़े हिस्से में, हम ऐसा करने में कामयाब रहे. बस हमें और ज़्यादा स्मार्ट बनना होगा, सिचुएशन को पहचानना होगा और उसके अनुसार खेलने की कोशिश करनी होगी. लेकिन मुझे लगता है कि अगर दस बॉक्स होते, तो मुझे लगता कि हमने उनमें से छह या सात पर टिक किया.’