किस्मत हो तो ऐसी! सालों पहले शख्स ने 13 हजार रुपये में खरीदी कार, अब 11 करोड़ हो गई कीमत

किस्मत हो तो ऐसी! सालों पहले शख्स ने 13 हजार रुपये में खरीदी कार, अब 11 करोड़ हो गई कीमत


नई दिल्ली. हर कोई चाहता है कि वक्त से साथ उनके पैसे डबल ट्रिपल हो जाएं, इसी उम्मीद में लोग स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं. लेकिन, अक्सर ऐसा होता नहीं. पर अब एक व्यक्ति की बेहद दिलचस्प कहानी सामने आई है जिसका एक छोटा सा निवेश कई हजार गुना हो गया. और बता दें कि ये कोई स्टॉक नहीं है. बल्कि एक कार है. जी हां! आपने बिल्कुल सही पढ़ा. BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक कार, जिसे जॉन विलियम्स नाम के एक व्यक्ति ने साल 1971 में खरीदा था. उस वक्त इस कार के लिए उन्होंने सिर्फ 985 पाउंड (उस वक्त करीब 13,000 रुपये) खर्च किए थे. अब इस कार की कीमत 10 लाख पाउंड यानी आज के हिसाब से करीब 11 करोड़ रुपये हो चुकी है. अब आप समझ सकते हैं कि इतना जबरदस्त रिटर्न शायद ही कोई स्टॉक दे सके. और कार तो वक्त के साथ आपके खर्चे बढ़ाती है. पर जॉन की कहानी कुछ और ही बयां करती है. आगे पढ़ें जॉन विलियम्स और उनकी पत्नी सुजैन की ये दिलचस्प दिल छू लेने वाली कहानी.

जेम्स बॉन्ड-स्टाइल एस्टन मार्टिन DB5
जॉन ने जो कार खरीदी वो कोई आम कार नहीं थी. बल्कि, 1960 के दशक की जेम्स बॉन्ड-स्टाइल एस्टन मार्टिन DB5 थी , जो इतनी खराब हालत में पहुंच गई थी कि बच्चे उस पर खेलते थे, जॉन और उनका परिवार को बच्चों को डांटकर भगाना पड़ता था. मोल्ड, फ्लिंटशायर के 71 वर्षीय जॉन विलियम्स ने 1973 में यह गाड़ी सेकंड हैंड 985 पाउंड में खरीदी थी, जो आज के हिसाब से करीब 15,000 पाउंड के बराबर है.

सालों तक जंग खाती रही कार

रिस्टोरेशन के बाद 10 लाख पाउंड हुई कीमत
अब पूरी तरह से रिस्टोर कर ली गई है और इसकी कीमत अब 10 लाख पाउंड हो गई है. उन्होंने इस कार को, जो फिल्म गोल्डफिंगर और थंडरबॉल में मशहूर हुई थी, अपनी 20 की उम्र में आखिरी बार चलाया था, उसके बाद इसे अपने ड्राइववे पर छोड़ दिया था, जहां यह जंग सालों तक जंग खाती रही.

रिस्टोरेशन के लिए कई साल इकट्ठे किए पैसे
मिस्टर विलियम्स ने एस्टन मार्टिन की बकिंघमशायर वर्कशॉप में तीन साल की रिस्टोरेशन के लिए 4 लाख पाउंड बचाए, जहां एक्सपर्ट्स को मरम्मत शुरू करने से पहले चूहे का घोंसला हटाना पड़ा और 2,500 घंटे की मेहनत करनी पड़ी. विलियम्स को एस्टन मार्टिन से प्यार तब हुआ जब उन्हें आठ साल की उम्र में एक टॉय कार मिली थी, और 19 साल की उम्र तक उन्होंने मोटरिंग मैगजीन में विज्ञापन देखकर एक कार खरीदने के लिए पैसे भी जमा कर लिए थे.

70 के दशक से स्टोरेज में पड़ी थी ये कार
लेकिन 1970 के दशक के अंत में जब उन्हें मिडिल ईस्ट में नौकरी मिली, तो DB5 को स्टोरेज में डाल दिया गया, और फिर यह घर के बाहर खुले में खड़ी रही – और स्थानीय बच्चों के लिए खेल का सामान बन गई. उनकी पत्नी सुजैन ने बताया, “पड़ोस के बच्चे बोनट पर उछलते थे और हम उन्हें डांटते थे.” “फिर एक बच्चा छत पर कूद रहा था, सोच रहा था कि ‘क्या ये काम करती है?’ क्योंकि उसने बॉन्ड फिल्म देखी थी और सोचा था कि कार ऊपर उठ जाएगी.” 1963 से 1965 के बीच सिर्फ 1,022 DB5 बनाई गई थीं, जिन्हें जेम्स बॉन्ड (शॉन कॉनरी द्वारा निभाए गए) के ड्राइव करने के बाद जबरदस्त लोकप्रियता मिली थी, जिसमें इजेक्टर सीट और घूमने वाली नंबर प्लेट्स भी थीं.

एस्टन मार्टिन वर्क्स ने इसे 2500 घंटों में रिस्टोर किया.

दुनिया में सिर्फ 39 ऐसी कारें
सिल्वर बिर्च ग्रे कलर की DB5 वैंटेज, जो मिस्टर विलियम्स के पास है, दुनिया में ऐसी सिर्फ 39 कारें हैं. यहां तक कि जब यह कार उनके घर के बाहर जंग खा रही थी और चलने लायक नहीं थी, तब भी एस्टन मार्टिन ने इसकी कीमत 5 लाख पाउंड आंकी थी, जिससे कपल ने इसे बेचने का भी विचार किया. और उन्हें ऑफर्स की भी कमी नहीं थी.

सुसान ने कहा, “पैसे का सवाल आता है और हकीकत भी, और किचन टेबल पर बैठकर उन्होंने पूछा, ‘तुम्हें क्या लगता है?’”

“मैंने कहा, ‘तुम्हें दोबारा ऐसी कार कभी नहीं मिलेगी.’”

“तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, हम इसे रखेंगे.’”

2500 घंटों की मेहनत
फैसला हो गया, और उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने तीन साल की रिस्टोरेशन के लिए ‘बचत और बलिदान’ किया. चूहे का घोंसला हटाने के बाद, टेक्नीशियनों ने 2,500 घंटे लगाकर पार्ट्स बदले और ओरिजिनल पेंट समेत कई फीचर्स को रिस्टोर किया. मिस्टर और मिसेज विलियम्स वर्कशॉप में नियमित रूप से जाकर काम की प्रोग्रेस देखते थे. अब जब काम पूरा हो गया है, तो कार निर्माता का अनुमान है कि इसकी कीमत 10 लाख पाउंड है.

जॉन विलियम्स और सुजैन

बेहद खास है कार
‘इस कार के पास होना ही एक खास एहसास है’ एस्टन मार्टिन के इतिहासकार स्टीव वैडिंगहैम ने कहा, “शायद एक नई कार बनाना ज्यादा आसान होता, लेकिन इतनी ज्यादा जंग लगी कार को रिपेयर करना और उसमें नए हिस्से लगाना बहुत ज्यादा हुनर और धैर्य का काम था.” लेकिन उन्होंने कहा कि यह मेहनत वाकई काबिल-ए-तारीफ है, “इस कार के पास होना ही एक खास एहसास है – इसकी खुशबू, इसका अहसास, इसकी आवाज़.”

रिस्टोरेशन के बाद नई से बेहतर
“ये बहुत खास हैं और आप अपने दिमाग से उन मशहूर फिल्मी सीन को नहीं निकाल सकते.” 45 साल बाद पहली बार कार चलाने के बाद जॉन ने कहा, “अब ये कार शायद उस वक्त से भी बेहतर है, जब ये फैक्ट्री से निकली थी.” “ये वाकई हैरान कर देने वाला था. काश, वे मेरे साथ भी ऐसा कर पाते कि मैं फिर से 27 साल का दिखूं. आज मैं खुद को 27 साल का ही महसूस कर रहा हूं.”

‘हमेशा संभाल कर रखूंगा ये कार’
सुसान इससे पहले सिर्फ तब कार में बैठी थीं, जब इसे स्टोरेज से निकालकर टो किया जा रहा था. उन्होंने जॉन के साथ पहली बार ठीक से सफर का आनंद लिया और कहा, “इसकी आवाज़ बहुत शानदार थी और जब हम थोड़ा तेज जा रहे थे तो मैंने सोचा, ‘हां, थोड़ा और तेज चलाओ. देखते हैं ये क्या कर सकती है.” हालांकि, जॉन ने अपनी जिंदगी का सपना पूरा कर लिया है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे इस कार को बहुत ज्यादा नहीं चलाएंगे, “आप इसे हर जगह नहीं ले जा सकते और न ही कहीं भी छोड़ सकते हैं. मौसम का भी असर पड़ता है. मैं इसे पानी के बड़े गड्ढों से नहीं ले जाना चाहता, और एक बार मैंने इसे नजरअंदाज किया है. अब दोबारा ऐसा नहीं करूंगा.”



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