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Sanskriti Gupta Story: सीधी की क्रिकेटर संस्कृति गुप्ता को WPL ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने 20 लाख में खरीदा है. संस्कृति की बेस प्राइस भी 20 लाख थी. उन्होंने सिर्फ 7 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. आइए जान लेते हैं इनके बारे में ज्यादा जानकारी.
Sanskriti Gupta Story: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की बेटी संस्कृति गुप्ता ने इतिहास रच दिया है. सीधी की गलियों में क्रिकेट खेलने वाली संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना लोहा मनवाने के लिए तैयार है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस ने WPL 2025 के ऑक्शन में संस्कृति पर भरोसा जताते हुए उन्हें 20 लाख रुपये में टीम से जोड़ लिया है.संस्कृति गुप्ता सीधी शहर के वार्ड क्रमांक 19 की रहने वाली हैं. महज 7 साल की उम्र में क्रिकेट बैट उठाने वाली संस्कृति के लिए सफर आसान नहीं था. मैदान तक पहुंचने से लेकर किट खरीदने तक हर कदम पर मुश्किलें थीं, लेकिन परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारी. पिता राजकुमार गुप्ता मजदूरी करके घर चलाते हैं, फिर भी बेटी के सपनों को रोकने नहीं दिया.
16 साल की उम्र में पहचान बनाई
16 साल की उम्र में संस्कृति ने घर छोड़कर शहडोल का रुख किया, जहां कोच नीतु श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में उनका क्रिकेट करियर निखरा. आगे चलकर उन्होंने चंडीगढ़ और फिर मुंबई तक अपनी पहचान बनाई है. पिछले सीजन 2024 में भी मुंबई इंडियंस ने उन पर भरोसा जताते हुए 10 लाख में खरीदा था, और अब उनके प्रदर्शन ने बोली दोगुनी करा दी है. संस्कृति के पिता युवावस्था में फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और वहीं से खेल की प्रेरणा उन्हें मिली.संस्कृति गुप्ता की मां सविता गुप्ता ने लोकल 18 को बताया कि बेटी का एक बार सिलेक्शन हुआ था, लेकिन हम लोगों ने जाने नहीं दिया था. क्योंकि वह छोटी थी. मैच रुक गया. बाद में सुरेंद्र सर के सपोर्ट से हम लोगों ने भेज दिया, फिर उसका सिलेक्शन लगातार होने लगा. चोट लगने पर भी वह खेलती रहती थी.
संस्कृति गुप्ता को लेकर क्या बोले परिजन
पिता राजकुमार गुप्ता ने लोकल 18 को बताया कि हम पुराने हनुमान मंदिर के पास रहते हैं और संस्कृति घर में सबसे छोटी है. बच्ची 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रही है. खेलते-खेलते उसका सिलेक्शन संभाग स्तर तक हुआ. एक दिन खंडवा नेशनल मैच के लिए भोपाल से फोन आया, लेकिन जाने वाला कोई नहीं था. मैंने स्पोर्ट्स टीचर को पैसे दिए और वह खंडवा पहुंची. वहां उसने नेशनल खेला और टूर्नामेंट जीता. इसके बाद उसने सीधी में 2 साल कोचिंग की और फिर शहडोल चली गई.
चाची सीमा गुप्ता ने बताया कि संस्कृति जब घर आती है तो लड़कों की तरह रहती है और बच्चों के साथ क्रिकेट खेलती रहती है. बचपन से ही शरारती और क्रिकेट की दीवानी है. भूख-प्यास छोड़ सिर्फ खेलती रहती थी. चाचा ने कहा कि जब वह बाहर गई, तब संस्कृति की प्रतिभा हमें पता चली. अब घर कम आती है, इस समय चंडीगढ़ में है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें