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Burhanpur News: बुरहानपुर में आज भी एक ऐसी रोटी मिलती है जो औरंगजेब की पसंदीदा है. खासकर शादी हो या कोई खुशी का माहौल उसमें इसे जरूर बनाया जाता है.
मोहन ढाकले/बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में मुगल काल से मांडा रोटी का संबंध जुड़ा हुआ है. मुगल जब भोजन करते थे तो उनकी प्रजा को खिलाने के लिए यह मंडा रोटी बना देते थे. इस मांडा रोटी की खासियत होती है कि यह गेहूं और मैदे के आटे से मिलकर बनाई जाती है. इसकी खासियत होती है कि यह बहुत बड़ी होती है. एक रोटी को तीन से चार लोग खा लेते हैं. आज यह बुरहानपुर के मांडा बाजार में 60 से 70 रुपए किलो तक बिक रही है. जिसको लोग काफी पसंद करते हैं शादी विवाह हो या शुभ प्रसंग सभी लोग मंडा रोटी खाना पसंद करते हैं.
दुकान संचालकों ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब दुकान संचालक शेख मांडे वाले से बात की तो उन्होंने बताया कि यह मार्केट काफी पुरानी है. इसको मांडा बाजार कहते हैं. हमारे द्वारा गेहूं का आटा और मैदे का आटा मिक्स कर यह मांडा रोटी तैयार की जाती है. इस मांडा रोटी की खासियत होती है कि यह दो बाय दो की होती है एक रोटी को दो से तीन लोग आसानी से खा लेते हैं. रोटी के अगर वजन की बात करें तो करीब 200 से 250 ग्राम की एक रोटी बनती है. इसको लोग सबसे अधिक खाना पसंद करते हैं. शादी हो विवाह हो या कोई शुभ प्रसंग हो वहां पर लोग समय की बचत के लिए इस रोटी को बनाते हैं. इस रोटी को बनाने के लिए बहुत कम समय लगता है. लोग इसलिए यही बनाना पसंद करते हैं और इसको बड़े चावल से खाते हैं.
चूल्हे पर बनती है यह रोटी
यह मांडा रोटी बनाने वाले लोग चूल्हे पर तैयार करते हैं. सबसे पहले इस आटे को मिक्स कर लेते हैं. उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लेते हैं और उसके बाद उसकी रोटी बनाने वाला कलाकार अपने हाथों पर घुमाते जाते हैं जिससे रोटी तैयार होती जाती है. और उसे तवे पर सेखा जाता है जिससे मांडा रोटी बन कर तैयार हो जाती है. यह मांडा रोटी काफी बड़ी बनती है. इसलिए एक रोटी बहुत से लोग खा लेते हैं बाजार में 10 से 15 रुपए की एक रोटी मिलने से लोग इसको खरीदना भी पसंद करते हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें