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Balaghat News: वह किचन से निकलने वाले वेस्ट जैसे- फलों और सब्जियों के छिलकों को जमा करती हैं. फिर उन्हें एक बाल्टी में भर देती हैं. इसमें वह पानी डालती हैं. इसे वह कुछ दिनों के लिए छांव में ढककर छोड़ देती हैं.
बालाघाट. जब आप घर में गार्डनिंग करते हैं, तो कई बार पौधों की उतनी अच्छी ग्रोथ नहीं होती है. इसके पीछे एक वजह यह भी है कि गमले में मिट्टी में लगातार पौधे उगते हैं और उनका विकास ठीक से नहीं हो पाता है. दरअसल ऐसे में मिट्टी के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. अगर आप टेरेस गार्डन में पौधों की अच्छी ग्रोथ चाहते हैं, तो आपको उर्वरक डालने चाहिए. ज्यादातर लोग बाहर के रासायनिक चीजों को खाने से बचने के लिए ही टेरेस गार्डनिंग करते हैं. ऐसे में वे जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं लेकिन बाजार में जैविक खाद काफी महंगी होती है. आज हम आपको घर पर ही बेहतरीन जैविक खाद तैयार करने की विधि बता रहे हैं.
लिक्विड फार्म बनाना है आसान
आशा आंटी ने लोकल 18 को बताया कि वह घर के किचन से निकलने वाले वेस्ट जैसे- फलों और सब्जियों के छिलकों को इकट्ठा करती हैं. फिर उन्हें एक बाल्टी में भरती हैं. इसमें वह पानी डाल देती हैं. इसे वह कुछ दिनों के लिए छांव में ढककर रख देती हैं. इसके बाद वह पानी और छिलकों को अलग कर लेती हैं. फिर जो लिक्विड तैयार होता है, उसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों की वृद्धि के लिए अहम माने जाते हैं.
बचे छिलकों का भी होता है इस्तेमाल
आशा आंटी आगे बताती हैं कि वह पानी से छिलके निकालकर फेंकती नहीं हैं बल्कि इसे एक गड्ढे में मिट्टी और सूखे पत्तों के साथ मिलाकर दफन कर देती हैं. ऐसे में महीने भर के भीतर ही वह खाद बन जाती है, जिसे वह गमलों में डाल देती हैं. इस तरह आशा आंटी अपने पौधों का ख्याल रखती हैं, जिससे पौधे अच्छे और खिले हुए दिखते हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.