नेपानगर में उप-मंडी की मांग फिर तेज: नगर पालिका उपाध्यक्ष ने कलेक्टर को लिखा पत्र, जमीन आवंटन की मांग – Burhanpur (MP) News

नेपानगर में उप-मंडी की मांग फिर तेज:  नगर पालिका उपाध्यक्ष ने कलेक्टर को लिखा पत्र, जमीन आवंटन की मांग – Burhanpur (MP) News



नगर पालिका उपाध्यक्ष सरला प्रवीण काटकर।

बुरहानपुर जिले के नेपानगर में कृषि उपज उप-मंडी स्थापित करने की मांग लंबे समय से लंबित है। इस संबंध में, नगर पालिका उपाध्यक्ष सरला प्रवीण काटकर ने रविवार को कलेक्टर को पत्र लिखकर मंडी के लिए भूमि आवंटन की मांग की है। नगर पालिका उपाध्यक्ष ने अपने पत्र

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हालांकि, नेपा मिल ने इस आवंटन के खिलाफ उच्च न्यायालय जबलपुर से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया था। यह स्थगन आदेश लगभग 10 से 12 साल पहले लिया गया था। सरला काटकर ने बताया कि इस स्थगन आदेश को आज तक खारिज नहीं कराया गया है, जिसके कारण आवंटित भूमि पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस स्थिति के चलते किसानों और क्षेत्रवासियों की यह महत्वपूर्ण समस्या अनसुलझी बनी हुई है।

पत्र में यह भी कहा गया, जल्द मिले जमीन तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा नगर पालिका नेपानगर को आवंटित भातखेड़ा स्थित खसरा नंबर 1,2,3,4,5 व 7 रकबा 0.61, 0.44, 00,71, 2.46, 0.56 व दृ11 कुल रकबा 4.89 हेक्टेयर शासकीय रिकार्ड चरनोई में दर्ज है। इस भूमि पर खसरा नंबर 3 में मंदिर बना हुआ है। कलेक्टर खंडवा के आदेश 12 अगस्त 1988 को विशेष क्षेत्र प्राधिकरण नेपानगर को आवंटित की गई।

अनुरोध है कि कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा प्रकरण दिनांक 31 जून 2022 को यह भूमि केंद्रीय विद्यालय नेपानगर को नवीन भवन बनाने के लिए आवंटित की गई है। विद्यालय द्वारा उस भूमि पर 11 नवंबर 2022 के माध्यम से कलेक्टर बुरहानपुर को अवगत करया गया कि आवंटित कुल रकबा 3.13 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है उसमें काफी कमियां होने के कारण पहले उसे पूरा किया जाए उसके बाद ही भवन निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।

27 नवंबर 25 को वर्तमान में स्थित भूमि वन मंडल बुरहानपुर से विद्यालय को आवंटित करने की मांग की गई। चरनोई की यह भूमि तीन चार साल पहले आवंटित की गई थी जिस पर भवन बनाना संभव नहीं है। विद्यालय पूर्व से स्थित भूमि पर ही विद्यालय बनाना चाहता है इसलिए ऐसी स्थिति में रकबा 4.89 हेक्टेयर में से 4 हेक्टेयर भूमि मंडी बुरहानपुर को आवंटित की जाए ताकि उस भूमि पर कृषि उप उपमंडी का निर्माण हो सके और सालों से चली आ रही समस्या का निराकरण हो सके।



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