भारी ट्रैफिक की मार झेल रही एमपी की राजधानी, पुराने से लेकर नए भोपाल तक हर तरफ रेंगते वाहन

भारी ट्रैफिक की मार झेल रही एमपी की राजधानी, पुराने से लेकर नए भोपाल तक हर तरफ रेंगते वाहन


भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बीते कुछ समय से भारी ट्रैफिक की मार चल रही है. यहां पग-पग पर लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. इसमें मुख्य रूप से पुराने से लेकर नए भोपाल तक हर तरफ वाहन रेंगते नजर आते हैं. पुराने भोपाल की बात करें तो भारत टॉकीज से लेकर भोपाल जंक्शन के 6 नंबर प्लेटफार्म तक लगभग हर रोज जाम की स्थिति बनती रहती है. रविवार को भी कुछ इसी प्रकार भारी जाम देखा गया. लोकल 18 के माध्यम से जानिए इसके पीछे की मुख्य वजह आखिर क्या है.

पुराने भोपाल के भारत टॉकीज, भोपाल टॉकीज, भोपाल जंक्शन, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, काजी कैंप, डीआईजी बंगला चौराहा और छोला थाना क्षेत्र में आए दिन जाम लगता रहता है. वहीं दूसरी ओर नए भोपाल के एमपी नगर जोन 1 व 2, रानी कमलापति स्टेशन, अरेरा कॉलोनी, नर्मदापुरम रोड और कोलार क्षेत्र में कई बार जाम की परेशानी से लोगों को जूझना पड़ता है. बड़ी बात यह है कि कुछ जगहों पर सिग्नल लगे रहने और ट्रैफिक पुलिस तैनात रहने के बावजूद जाम लग जाता है.

बता दें, रविवार को भी पुराने भोपाल के भारत टॉकीज से लेकर ऐशबाग वाली रोड पर 1 से लेकर 6 बजे तक जाम लगा रहा. इस दौरान ट्रक, बस और से लेकर कार मोटरसाइकिल तक रैंगती हुई नजर आयी. भारत टॉकीज से लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी, बाग उमराव दूल्हा, ऐशबाग, बरखेड़ी और जिंसी जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. हालांकि जाम के दौरान कहीं भी ट्रैफिक पुलिस या स्थानीय थानों का अमला नजर नहीं आया.

नर्मदापुरम रोड पर लगता सबसे ज्यादा जाम
वहीं नए भोपाल की बात करें तो नर्मदापुरम रोड पर सबसे ज्यादा जाम लगता रहता है. यहां रानी कमलापति स्टेशन से लेकर मिसरोद के बीच कई बार जाम की स्थिति देखी जाती है. कमलापति स्टेशन से हबीबगंज नाका, बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी, बाग सेवनिया थाना, दानिश नगर, आशिमा मॉल, जाटखेड़ी रोड और मिसरोद थाना जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.

ई-रिक्शा के चलते भी लगता जाम
राजधानी की व्यस्ततम और अहम 12 सड़कों पर ई-रिक्शा की नो-एंट्री के आदेश को 4 महीने से ज्यादा हो चुके हैं. ई-रिक्शों की नो-एंट्री सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है, लेकिन यह आदेश अभी जमीनी स्तर पर नहीं उतर पाया है. सभी नो-एंट्री जोन में धड़ल्ले से ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं. इनको रोकने के लिए कहीं पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आता है. वहीं इनके जगह-जगह रुककर सवारी बैठाने की लालच में कई बार जाम की स्थिति भी बनती है.

ट्रैफिक जाम लगने के मुख्य कारण
भोपाल में ट्रैफिक जाम लगने के मुख्य कारणों की बात करें तो इसमें मेट्रो कार्य, अव्यवस्थित पार्किंग, सड़कों पर अतिक्रमण, वाहनों की बढ़ती संख्या और यातायात नियमों का पालन न करना है. इसके अलावा नए व पुराने भोपाल के व्यस्ततम इलाकों में सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग की कमी इस समस्या को सबसे ज्यादा बढ़ाता है.



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