गौ सेवक संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
डिंडौरी में मंगलवार को मध्य प्रदेश गौ सेवक संघ ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान में कम भुगतान और काम न करने पर विभागीय अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
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वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्वे का रेट शासन द्वारा तय किया गया है और मांगपत्र शासन स्तर पर भेजा जा चुका है।
प्रति परिवार केवल 5 रुपए किया जा रहा भुगतान
संघ के अध्यक्ष शमशुल सिद्दीकी ने ज्ञापन में बताया कि जिले में लगभग 400 गौ सेवक सालों से कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण और प्राथमिक इलाज जैसे विभागीय कार्य करते आ रहे हैं। उन्हें विभाग से इन कार्यों के लिए कोई मानदेय नहीं मिलता है।
गौ सेवकों के अनुसार, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान में प्रति परिवार केवल 5 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। जब उन्होंने इस दर पर काम करने से मना किया, तो उपसंचालक की ओर से उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और प्रमाण पत्र निरस्त करने की धमकी दी जा रही है।
प्रति परिवार कम से कम 50 रुपए का भुगतान करने की मांग
गौ सेवकों का कहना है कि 5 रुपए प्रति परिवार के हिसाब से वे दिन भर में 10 से अधिक परिवारों से नहीं मिल पाते, जिससे उनकी दैनिक मजदूरी भी नहीं निकल पाती। इसलिए, उन्होंने शासन से प्रति परिवार कम से कम 50 रुपए का भुगतान करने की मांग की है।
पशु चिकित्सा उप संचालक एच.पी. शुक्ला ने बताया कि गौ सेवकों ने ज्ञापन दिया था और उनकी मांगों को शासन स्तर पर भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे के रेट शासन की ओर से ही तय किए गए हैं और उन्हें शासन के आदेशों का पालन करना होगा।