भैसाघाट में भाल नदी पर लोगों ने किया बोरी बंधान, संरक्षण का लिया संकल्प – Betul News

भैसाघाट में भाल नदी पर लोगों ने किया बोरी बंधान, संरक्षण का लिया संकल्प – Betul News



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मप्र शासन की मंशानुसार एवं मप्र जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष, जलप्रहरी एवं पर्यावरणविद मोहन नागर (राज्यमंत्री दर्जा) के नेतृत्व में जिलेभर में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अभियान निरंतर चल रहा है। इसी क्रम में विकासखंड आठनेर के ग्राम भैसाघाट की भाल नदी में रविवार को बोरी बंधान कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर के मार्गदर्शन में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति भैसाघाट, सीएमसी एलडीपी छात्र -छात्राओं एवं विकासखंड की नवांकुर संस्थाओं की संयुक्त पहल पर पूरा किया गया।

कार्यक्रम के दौरान नदी में बोरी बंधान कर वर्षा जल को रोकने एवं भूजल स्तर बढ़ाने का सामूहिक प्रयास किया। इस अवसर पर नवांकुर संस्था मानव ग्राम सेवा समिति बोरपानी के अध्यक्ष राजू सलामे ने कहा जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “जल है तो जीवन है” यह वाक्य सिर्फ कहने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है।

हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य तभी मिल सकता है जब प्रत्येक व्यक्ति जल बचाने में अपनी भूमिका निभाए। वर्षा जल की एक-एक बूंद का संरक्षण ही भविष्य के जल संकट से समाज को बचा सकता है। पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा परामर्शदाता गोवर्धन राने ने कहा जल अत्यंत अनमोल संसाधन है। उन्होंने कहा यदि हम आज सामूहिक रूप से जल को बचाने का संकल्प लें, तो ही भावी पीढ़ियों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। राने ने जोर देकर कहा जल संरक्षण सिर्फ सरकारी योजनाओं का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

कार्यक्रम विकासखंड केंद्र में संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम की रविवार की कक्षा के बाद समरसता भोज आयोजित किया। बोरी बंधान के पश्चात सभी प्रतिभागियों ने समरसता भोज में शामिल होकर एक पंक्ति में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। सामूहिक भोजन ने सामाजिक एकता और जल संरक्षण के महत्व को और मजबूत किया। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक मधु चौहान, परामर्शदाता दिनेश साकरे, नवांकुर संस्था जागृति ग्राम विकास समिति बरखेड़ के अध्यक्ष देवीदास गावंडे सहित अंकित सातपुते, उमेश कासदे, रविंद्र कवड़कर, निकिता ईडपाचे, गीतांजलि धाकड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अंत में सभी ने जल संरक्षण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।



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