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Sourav Ganguly bold claim on leadership: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने सुझाव दिया कि शुभमन गिल को सारे फॉर्मेट्स में टीम का कप्तान बना दिया जाना चाहिए. टी20 में भी सूर्यकुमार यादव की जगह गिल को जिम्मेदारी देने की उन्होंने वकालत की.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के नेतृत्व को लेकर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बड़ा बयान दिया है. गांगुली का मानना है कि टी20 फॉर्मेट में फिलहाल कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह युवा खिलाड़ी शुभमन गिल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि गिल को सभी फॉर्मेट्स का कप्तान बनाया जाए.
इस वक्त भारतीय टीम में स्प्लिट कैप्टेंसी चल रही है लेकिन गिल को ऑल फॉर्मेट कप्तान बनाए जाने की बातें सामने आई है. गांगुली ने इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. ईडन गार्डन्स में एक कार्यक्रम के दौरान टी20 कप्तानी को लेकर पूछे गए सवाल पर गांगुली ने यह जवाब दिया. “मेरी नजर में शुभमन गिल सभी फॉर्मेट्स के कप्तान होने चाहिए. वह पूरी तरह सक्षम है.”
इंग्लैंड दौरे पर कैसा था गिल का प्रदर्शन
गांगुली ने तीन महीने पहले इंग्लैंड दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “तीन महीने पहले इंग्लैंड में गिल का प्रदर्शन देखिए. जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम में नहीं थे, तब एक युवा टीम को आगे से लीड करना शानदार था. बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में वह सोने की तरह चमके.”
गांगुली ने याद दिलाया कि उस सीरीज में गिल ने 750 से ज्यादा रन बनाए और चार शतक जड़े. विदेशी जमीन पर, दबाव में इतनी परिपक्वता दिखाने वाले खिलाड़ी को सिर्फ कुछ असफलताओं के आधार पर कम नहीं आंकना चाहिए. गांगुली ने सुझाव दिया कि युवा कप्तानों को समय देना चाहिए. फैंस और विश्लेषकों को जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए. “एक तिमाही में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी की अगले तीन महीनों में आलोचना करना सही नहीं है. कप्तान के तौर पर उन्हें पर्याप्त समय और समर्थन देना चाहिए. यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस भरोसा और धैर्य चाहिए.”
गांगुली की ये टिप्पणियां अब क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई हैं. टी20 स्पेशलिस्ट और कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार यादव ने भले ही अपनी छाप छोड़ी हो, लेकिन उम्र और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए गांगुली ने इशारों में गिल की ओर झुकाव दिखाया. तीनों फॉर्मेट्स के लिए अलग-अलग कप्तान रखने के बजाय एक ही कप्तान होने से टीम में स्थिरता आती है, यही दादा का इरादा है.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें