प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ डॉक्टर मोबाइल की टॉर्च लाइट में मरीजों को देखते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कई सवाल यहां की व्यवस्था को लेकर खड़े हो रहे
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बुधवार को ये वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो बनाने वाला इसमें बता रहा है कि एमवायएच के न्यूरोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट की यहां पूरा अंधेरा नजर आ रहा है। यहां पर लाइट नहीं है। यहां पर पेशेंट परेशान होते रहते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती है। लाइट चली गई है। मध्यप्रदेश की ये सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। देख लो ये हाल है यहां का।
लाइट नहीं होने कारण लोग अपने मोबाइल की टॉर्च लाकर आवाजाही करते नजर आ रहे है। वहीं वीडियो में डॉक्टर मोबाइल टॉर्च से महिला पेशेंट को देखते नजर आ रहे है। इसके बाद व्यक्ति एमवाय अस्पताल का बाहर का हिस्सा भी बता रहा है। साथ ही बता रहा है कि लोग यहां पर परेशान होकर घर जाते है, लेकिन उनका इलाज नहीं हो पता है।
वायरल वीडियो में मोबाइल की टार्च लाइट में पेशेंट देखते नजर आए डॉक्टर।
किसने दी वीडियो बनाने की परमिशन
वीडियो के लास्ट में संबंधित व्यक्ति से पूछ रहा है कि यहां वीडियो बनाने की परमिशन किसने दी। बताया जा रहा है कि यहां के सुरक्षा गार्ड द्वारा संबंधित व्यक्ति को वीडियो बनाने से रोका गया। साथ ही वीडियो भी डिलीट करने का दबाव डाला गया।
वीडियो आज का ही है
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि वीडियो असली है और यह बुधवार सुबह का है। उन्होंने कहा कि यह बिजली कटौती बहुत थोड़े समय के लिए थी, जो एमपीईबी द्वारा कैंसर अस्पताल ब्लॉक में किए जा रहे तकनीकी कार्य के दौरान हुई। उन्होंने कहा, अस्पताल में बिजली सप्लाई चालू थी। एमपीईबी ने कुछ मिनटों का ब्लॉक लिया था, जिसके बाद बिजली तुरंत बहाल हो गई थी।

पेशेंट से बात करते हुए डॉक्टर।
इधर, वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े अस्पताल में कुछ मिनटों की बिजली कटौती के दौरान भी उचित बैकअप क्यों उपलब्ध नहीं था। बता दे कि इसके पहले भी एमवायएच के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके है।