Love story: बालाघाट के गौली मोहल्ले के रहने वाले कमलेश सक्सेना और उनकी पत्नी आशा दोनों नेत्रहीन हैं और दोनों ही एक दूसरे का सहारा बने हुए हैं. कमलेश और आशा दोनों ही जन्म से देख नहीं सकते हैं. कमलेश के माता-पिता नहीं हैं. ऐसे में उनके मौसा ने दोनों का रिश्ता करवाया था. उनकी शादी हुई. शादी के बाद एक-दूसरे के साथ रहने लगे. अब दोनों सालों से एक-दूसरे के साथ हैं और एक दूजे का सहारा बने हुए हैं. भले ही दोनों नेत्रहीन हैं लेकिन वह किसी पर बोझ नहीं बने. न ही भिक्षावृत्ति के चक्कर में पड़े. दोनों बालाघाट के गुजरी मार्केट में दुकान-दुकान जाकर चाय बेचने का काम करते हैं.