शिवपुरी मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को भूकम्प आपदा से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। बनारस से आई 11वीं एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) टीम ने यह अभ्यास किया, जिसमें असिस्टेंट कमांडेंट एस.ए. सिकंदर, उपनिरीक्षक रा
.
इस दौरान टीम ने भूकम्प की स्थिति में लोगों को बचाने और फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। जवानों ने दिखाया कि इमारत ढहने की स्थिति में ऊपर या अंदर फंसे लोगों को कैसे सुरक्षित निकाला जाता है। इसके लिए कटिंग उपकरणों और अन्य विशेष बचाव साधनों का उपयोग समझाया गया।
एनडीआरएफ टीम के उपनिरीक्षक राम सिंह ने बताया कि इस भूकम्प आधारित मॉक अभ्यास का उद्देश्य सभी संबंधित एजेंसियों को आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीके समझाना था। उन्होंने कहा कि आपदा के समय एनडीआरएफ की भूमिका, विभिन्न विभागों और अन्य हितधारकों की जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
राम सिंह के अनुसार, यदि कोई भवन क्षतिग्रस्त होकर गिर जाए और उसमें लोग फंस जाएं, तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से जिला प्रशासन और आम जनता को भूकम्प जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।