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Dhan Kharidi News: मध्य प्रदेश में धान खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन नमी और FAQ क्वालिटी के कारण कई किसानों की धान रिजेक्ट हो रही है. ऐसे में एक्सपर्ट से जानें कि सेंटर जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
Balaghat News: मध्य प्रदेश भर में 1 दिसंबर से धान खरीदी का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. अब किसान भाई तीन महीने तक कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल को शासन को बेचने की तैयारी तर रहे हैं. वहीं, मंडियों में किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है. ऐसे में किसान भाई ऑनलाइन स्लॉट बुक कर रहे हैं और अपना नंबर आने पर धान खरीदी केंद्र में पहुंच कर धान की गिनती कर रहे हैं. इस बीच किसानों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
दरअसल, धान खरीदी केंद्र पर पहुंचने पर किसानों की धान अमानक हो जाती है और धान खरीदी नहीं हो पाती. ऐसे में क्या आपको पता है कि धान खरीदी केंद्र में पहुंचने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर नहीं तो हम आपको बता रहे हैं.
सबसे पहले FAQ क्या है?
धान खरीदी केंद्र पर धान की गुणवत्ता को मापने के लिए एक पैमाना बनाया गया है, जिसे एफएक्यू (FAQ) कहते हैं. इसका मतलब होता है फेयर एवरेज क्वालिटी. धान खरीदी केंद्र की सर्वेयर शिवानी बताती हैं कि धान की गुणवत्ता के लिए कुछ मानक तय किए गए ताकि धान को संरक्षित करने में आसानी होनी चाहिए. इसके तहत धान में मिट्टी, कुसी, सिकुड़ें, धान टूटे न हो और धान बदरंग न हो. इन बातों का ध्यान रखा जाता है.
धान में नमी का रखें ध्यान
धान खरीदी केंद्र पर मॉस्चुयर मीटर से धान की नमी को मापा जाता है. इस मशीन में 17 प्रतिशत नमी ज्यादा आती है, तो धान को सुखाना पड़ सकता है और किसान भाई की मेहनत डबल हो जाती है. ऐसे में घर पर ही धान को सुखा कर लाना चाहिए. धान में 4 प्रतिशत से कम भी नहीं होना चाहिए. ऐसे में आपकी धान रिजेक्ट हो सकती है. इसलिए धान को सही ढंग से साफ करना चाहिए.
घर पर चेक करें कि धान में ज्यादा नमी तो नहीं
सर्वेयर शिवानी बताती हैं कि धान खरीदी केंद्रों पर धान लाने से पहले ही किसान भाई अपने घर में धान की नमी चेक कर सकते हैं. इसमें आप धान के कुछ दानों को मुंह में रखकर चबा कर चेक कर सकते हैं. चबाने के दौरान आवाज अगर कट से आती है, तो धान में 17 प्रतिशत से कम है और आप इसे धान खरीदी केंद्र पर ला सकते हैं.
केंद्र पर ऐसे चेक होती है नमी
अगर धान का भंडारण करना है, तो उसमें नमी का मात्रा कम ही होनी चाहिए. अगर नमी ज्यादा होगी, तो भंडारण के समय अंकुरण की समस्या आ सकती है. इसके अलावा फंगस भी लग सकती है. इससे धान का पूरा का पूरा स्लॉट खराब हो सकता है. नमी मापने की मशीन में 500 ग्राम धान डाला जाता है. मशीन में जो नमी का प्रतिशत आता है, उसी के आधार पर धान की खरीदी होती है. सर्वेयर शिवानी ने बताया कि धान को पंखे से उड़ाना चाहिए. इससे धान की रज्जी, पुआल और कई तरह की अशुद्धता दूर होती है. ऐसे में धान खरीदी केंद्र में आपको कोई मशक्कत करनी चाहिए.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें