शिवकांत आचार्य,
भोपाल-विदिशा रोड पर चोपड़ा कलां रेलवे क्रॉसिंग के पास बन रहा रेलवे ओवरब्रिज एक बार फिर सुर्खियों में है. पहले 15 मीटर चौड़ाई का प्रस्तावित इस ब्रिज की चौड़ाई अब बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है. चौड़ाई बढ़ने के साथ ही इसकी लागत भी काफी बढ़ गई है, जो काम 36 करोड़ में होना था, अब उसका खर्च 105 करोड़ पहुंच गया है. यानी परियोजना का बजट तीन गुना बढ़ गया है. इसके कारण पिछले 8 महीनों से काम बंद पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है.
डिजाइन बदला, रुक काम
दरअसल, एमपीआरडीसी की योजना यहां 6-लेन सड़क बनाने की थी. इसके बावजूद 2023 में 15 मीटर का ब्रिज बनाना शुरू कर दिया गया. अब अचानक डिज़ाइन बदलकर इसे 18 मीटर कर दिया गया है. इसके निर्माण की देखरेख कर रहे सुपरवाइजर के मुताबिक, अधिकारियों ने नए निर्देश दिए हैं कि ब्रिज 18 मीटर चौड़ा बनेगा. इसी कारण काम फिलहाल रोक दिया गया है. आदेश मिलते ही काम फिर से शुरू किया जाएगा.
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो साल पहले ब्रिज का काम शुरू हुआ था, लेकिन अब लगभग 6 महीने से काम पूरी तरह ठप है. लोग जब अधिकारियों से पूछते हैं तो कोई साफ जवाब नहीं मिलता है. लोगों के अनुसार, न कोई बताता है कि बन रहा है या तोड़ा जाएगा, बस काम बंद पड़ा है और जनता परेशान हो रही है.
मामले पर राजनीति गरमाई
जैसे ही यह मामला सामने आया, राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गई. कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता का आरोप है कि सरकार इंजीनियरिंग के साथ खिलवाड़ कर रही है. उनका कहना है कि 6 महीने से ब्रिज का काम बंद है, लागत तीन गुना हो गई है, और जनता के टैक्स के पैसे की बड़ी बर्बादी हो रही है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में है और इसका बोझ युवाओं पर पड़ेगा. वहीं, बीजेपी प्रवक्ता डॉ. वाणी अहलूवालिया का कहना है कि सभी काम तकनीकी अध्ययन और पब्लिक डिमांड के हिसाब से किए जाते हैं. उनका दावा है कि जो बदलाव किए जा रहे हैं, वे जनता के भले के लिए ही हैं. बीजेपी का कहना है कि जनता निश्चिंत रहे, काम योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.
प्रशासन की लापरवाही या कुछ और
फिलहाल, ब्रिज का काम अटका हुआ है. यह प्रशासन की लापरवाही है या जरूरी तकनीकी सुधार, इसका जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं है. लेकिन जनता का टैक्स का पैसा लगातार खर्च हो रहा है और काम रुकने से परेशानियां बढ़ रही हैं. अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदारों से कब जवाब मांगा जाएगा.