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मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं की मदद से महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर बड़ी कमाई कर रही हैं और लखपति बनकर दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं. सरकार 50 लाख तक की सहायता, ट्रेनिंग, लोन और सब्सिडी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रही है. जानें 5 योजनाएं…
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना महिलाओं को अपना स्टार्टअप शुरू करने का सुनहरा मौका देती है. 18 से 45 वर्ष आयु तक की महिलाएं इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट लोन ले सकती हैं. सरकार द्वारा प्रोजेक्ट लागत पर 30% तक मार्जिन मनी अनुदान भी मिलता है. हजारों महिलाएं इस योजना से बुटीक, फूड यूनिट और कारीगरी आधारित छोटे उद्योग चला रही हैं.

महिला उद्यमियों के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना सबसे प्रभावी योजना मानी जाती है. इसमें 1 लाख से 50 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है. खास बात ये कि सरकार 3% तक ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे महिलाओं पर आर्थिक बोझ कम होता है. यह योजना व्यापार, सर्विस, मैन्यूफैक्चरिंग और डिजिटल स्टार्टअप सभी तरह के उद्यमों के लिए लाभकारी है.

लाडली बहना उद्यमिता योजना महिलाओं को छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने में मदद करती है. इसमें महिलाओं को आसान ऋण, बिजनेस ट्रेनिंग, मार्केट लिंक और प्रोडक्ट बिक्री में सहयोग मिलता है. इस योजना ने हजारों महिलाओं को किचन उद्योग, ब्यूटी पार्लर, पापड़-नमकीन यूनिट, घरेलू खाद्य प्रसंस्करण जैसे व्यवसाय शुरू करने में सहारा दिया है.
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<br />अजीविका मिशन महिलाओं को शहरी और ग्रामीण दोनों स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इस योजना में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक का ऋण मिलता है. वहीं, महिला स्व-सहायता समूहों को 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है. मिशन द्वारा महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट, बैंक खाते खोलने और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में भी मदद दी जाती है.

इसी के साथ प्रधानमंत्री महिला शक्ति उद्यम सहायता योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को उद्योग लगाने के लिए विशेष सहायता देती है. इसमें महिलाओं को 1 लाख से 20 लाख रुपये तक का आसान लोन मिलता है, साथ ही 25% तक सब्सिडी भी प्रदान की जाती है. योजना में महिलाओं को डिजिटल ट्रेनिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से मार्केट एक्सेस जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.

सीएम स्वरोजगार, उद्यम क्रांति और महिला शक्ति उद्यम योजना के लिए Jansamarth पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. वहीं, आजीविका मिशन के लिए नगर पालिका और जनपद पंचायत कार्यालय में संपर्क किया जाता है. लाडली बहना उद्यमिता योजना का पंजीयन स्थानीय महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किया जाता है.

आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट फोटो, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज सभी योजनाओं के लिए आवश्यक हैं. कई योजनाओं में महिलाओं को प्रशिक्षण या SHG सदस्यता का प्रमाण भी देना होता है. जरूरत पड़ने पर जिला उद्योग केंद्र प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में मदद करता है.

यदि महिला छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं तो लाडली बहना उद्यमिता, आजीविका मिशन और महिला शक्ति उद्यम योजना सबसे बेहतर हैं. वहीं बड़े प्रोजेक्ट, फैक्ट्री या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए उद्यम क्रांति व सीएम स्वरोजगार योजना अधिक लाभकारी हैं. सही योजना चुनकर महिलाएं लखपति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकती हैं.