मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विदिशा के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने विधायक मुकेश टंडन के निवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
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संघ की प्रमुख मांगों में कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पदस्थापन और नियमितीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश मालवीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा रहा है।
संघ की विस्तृत मांगों में स्थाईकर्मी कर्मचारियों को नियमित का दर्जा देना, दैनिक वेतनभोगियों को वरिष्ठता का लाभ प्रदान करना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करना और ग्राम रक्षकों को नियमित सेवा का दर्जा देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक आयोग के गठन की भी मांग की गई है।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों ने वर्दी धुलाई भत्ता 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए करने और सभी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का लाभ लागू करने की भी मांग की है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। इसी कड़ी में 12 दिसंबर को जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
आंदोलन के अगले चरणों में 26 दिसंबर को सांकेतिक धरना, 16 जनवरी को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम और 29 जनवरी को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया जाएगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने 15 सूत्रीय मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया, तो 21 फरवरी 2026 को भोपाल में एक विशाल प्रदर्शन और आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर से कर्मचारी शामिल होंगे।
जिला उपाध्यक्ष विमलेश सक्सेना ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक रूप से ज्ञापन प्रेषित किया गया था। यह क्षेत्रीय विधायकों को ज्ञापन सौंपने का दूसरा चरण है, जिसमें 15 विभिन्न मांगों को हल करने की मांग की गई है।