नई दिल्ली. पिछले दिनों आईसीसी और जियोस्टार को लेकर कुछ खबरें सामने आई जिसने फैंस की चिंता बढ़ा दी थी लेकिन इसे लेकर बयान सामने आए हैं. प्रमुख मीडिया कंपनी जियोस्टार ने शुक्रवार को कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ अपने अनुबंधित दायित्वों को पूरी तरह निभाने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह लिखित हो या भावना के स्तर पर. यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि प्रमुख प्रसारक आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से पहले 3 अरब डॉलर के अनुबंध से हटने की योजना बना रहा है.
जियोस्टार रिलायंस के मीडिया कारोबार और वैश्विक मीडिया दिग्गज वॉल्ट डिज़्नी के भारतीय संचालन के विलय के बाद बना एक संयुक्त उपक्रम है. जियोस्टार ने एक बयान में कहा, “दोनों संगठन भारत में फैंस के लिए आगामी आईसीसी इवेंट्स की विश्वस्तरीय कवरेज देने पर केंद्रित हैं, जिसमें आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप भी शामिल है, जो खेल के सबसे बहुप्रतीक्षित वैश्विक टूर्नामेंट्स में से एक है.”
इन आयोजनों की तैयारियां योजना के अनुसार चल रही हैं और इसका दर्शकों, विज्ञापनदाताओं या उद्योग भागीदारों पर कोई असर नहीं पड़ा है. बयान में कहा गया, “आईसीसी और जियोस्टार, दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदार के रूप में, संचालन, व्यापार और रणनीतिक मामलों पर नियमित संवाद बनाए रखते हैं, ताकि साझेदारी खेल को आगे बढ़ाने में क्या भूमिका निभा सकती है, इस पर ध्यान केंद्रित किया जा सके.”
आईसीसी और जियोस्टार दोनों ने भारत में आईसीसी के मीडिया अधिकार समझौते की स्थिति को लेकर हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को स्वीकार किया है. बयान में कहा गया, “ये रिपोर्ट्स किसी भी संगठन की स्थिति को नहीं दर्शाती हैं. आईसीसी और जियोस्टार के बीच मौजूदा समझौता पूरी तरह लागू है और जियोस्टार भारत में आईसीसी का आधिकारिक मीडिया अधिकार साझेदार बना हुआ है. यह कहना कि जियोस्टार ने समझौते से हटने का फैसला किया है, गलत है.”
आईसीसी ने एक अलग बयान जारी करते हुए कहा, “आईसीसी और जियोस्टार के बीच मौजूदा समझौता पूरी तरह लागू है और जियोस्टार भारत में आईसीसी का आधिकारिक मीडिया अधिकार साझेदार बना हुआ है. यह कहना कि जियोस्टार ने समझौते से हटने का फैसला किया है, गलत है.”
क्रिकेट संस्था ने आगे जोर देकर कहा कि जियोस्टार अपने अनुबंधित दायित्वों को पूरी तरह निभाने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह लिखित हो या भावना के स्तर पर. पहले आई खबरों में दावा किया गया था कि जियोस्टार ने आईसीसी को अपने चार साल के समझौते के बाकी दो सालों से वित्तीय नुकसान के चलते हटने की मंशा जताई थी, जिसके बाद क्रिकेट संस्था ने 2026-29 अधिकार चक्र के लिए नए बोलीदाताओं की तलाश शुरू कर दी थी.