एक मिनट में हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी, घर बैठे करें मिलावट की पहचान, ठग नहीं पाएंगे भैया!

एक मिनट में हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी, घर बैठे करें मिलावट की पहचान, ठग नहीं पाएंगे भैया!


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Tips And Tricks: अगर आप भी मिलावटी दूध से परेशान हैं और दूध वाले भैया बार-बार बहना माकर आपको ठग रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है. आप बेहद आसानी से जान जाएंगे कि दूध में पानी मिला है या नहीं. जानें तरीका…

Tips And Tricks: दूध हमारे दैनिक आहार का एक अहम हिस्सा है. बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक हर कोई इसका हर रोज सेवन करता हैं. हालांकि, आज के समय में दूध पर चांदी काटने वाले इसे भी सेहत के लिए नुकसानदायक बना दे रहे हैं. कुछ दूध विक्रेता दूध में पानी मिलाकर लोगों को बांट देते हैं. दूध को गर्म करने या पीने के बाद इसके स्वाद से लोग अंदाजा लगा लेते हैं कि इसमें पानी मिलाया गया है, लेकिन असलियत कभी सामने नहीं आ पाती.

30 हजार की मशीन
अब लोगों को दूध की मिलावट का अंदाजा लगाने में ज्यादा समय नहीं लग रहा है. दूध विक्रेता आदर्श चतुर्वेदी ने लोकल 18 को बताया कि दूध में पानी की मात्रा पता लगाने के कई तरीके हैं. इसमें मशीनों का उपयोग करके भी दूध में पानी की मात्रा पता लगाई जा सकती है. इसके अलावा कुछ घरेलू उपायों से भी आसानी से पता लगा सकते हैं. फेटोमिटर नामक एक छोटी मशीन आती है, जिसकी कीमत 27 से 30 हजार है. अगर दूध में किसी ने ऊपर से पानी मिलाया होगा तो इससे 10 सेकंड में ही पता चल जाएगा.

ऐसे पता चलता है पानी है या नहीं
आगे बताया, भैंस के दूध में 6 से 8.5 तक फेट आता है, जो शुद्ध माना जाता है. यह मात्रा भैंस के स्वास्थ्य के अनुरूप कम ज्यादा हो सकती है. 7 फेट दूध में सोलिड्स-नॉन-फैट (SNF) जो दूध में मौजूद प्रोटीन के बारे में बताता है. इसमें फैट के समक्ष मात्रा आना या एक-दो पॉइंट ऊपर होना शुद्ध दूध की पहचान है. अगर इससे अधिक या बहुत कम बताई जाए तो दूध में मिलावट हो सकता है. सही लैक्टोमीटर रीडिंग (CLR) जो मावा की मात्रा बताती है. अगर 1 लीटर दूध में 200 ग्राम से कम मावा की मात्रा बताई जाती है तो उसमें पानी मिला हो सकता है.

घरेलू तरीकों से पानी की पहचान

  1. आदर्श चतुर्वेदी के मुताबिक, शुद्ध दूध ठंड के मौसम में अधिकतम 12 घंटे और गर्मी के मौसम में करीब 6 घंटे तक ही टिकता है. इसके बाद वह अपने आप फटने लगता है. वहीं, जिस दूध में पानी की मिलावट होती है, वह 24 घंटे से ज्यादा समय तक खराब नहीं होता, क्योंकि पानी मिल जाने से दूध की प्राकृतिक संरचना कमजोर हो जाती है.
  2. अगर दूध की कुछ बूंदें जमीन पर गिराई जाएं और वह तुरंत जमीन में न समाएं, तो दूध शुद्ध माना जाता है. जबकि पानी मिला हुआ दूध जमीन में जल्दी सोख लिया जाता है. इसी तरह डेयरी से दूध खरीदने पर पन्नी या बर्तन में चिपक जाए तो दूध शुद्ध है.
  3. स्वाद के आधार पर भी दूध की जांच की जा सकती है. अगर दूध पीने में पतला लगे या उसमें प्राकृतिक मिठास कम महसूस हो, तो समझ लेना चाहिए कि उसमें पानी मिलाया गया है. शुद्ध दूध में हल्की प्राकृतिक मिठास होती है, जबकि मिलावटी दूध में यह मिठास नहीं रहती.
  4. नकली या मिलावटी दूध की पहचान को लेकर आदर्श चतुर्वेदी बताते हैं कि असली दूध का रंग साफ सफेद होता है. नकली दूध के रंग में हल्का बदलाव नजर आता है और उसे पीने पर स्वाद कड़वा भी लग सकता है. इसके अलावा, मिलावटी दूध को गर्म करने के बाद भी वह जल्दी खराब हो जाता है, जो उसकी सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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एक मिनट में हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी, घर बैठे करें मिलावट की पहचान



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