जबलपुर के सिहोरा में 11 दिसंबर को दोपहर 1 बजे बीच सड़क पर खुलेआम एक रेत ठेकेदार की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। इसका एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें हत्यारे चिंटू ठाकुर को पहले दौड़ते हैं। फिर सड़क पर पटक का गोली मारते हुए दिखे।
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घटनाक्रम के बाद दैनिक भास्कर की टीम जबलपुर जिला मुख्यालय के 45 किमी दूर खितौला पहुंची। गांव में हमने 50 साल के मृतक धर्मेंद्र ठाकुर (चिंटू) के परिजनों के हालात जाने। धर्मेंद्र ठाकुर के घर में मातम का माहौल है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग उन्हें संभालने के लगे हुए हैं। पत्नी अपने 8 साल के बेटे, 4 साल की बेटी और परिजनों के साथ मौन बैठी हुई थी। हमने घटना के चश्मदीदों को भी ढूंढ निकाला।
जिस कार वाशिंग सेंटर के सामने घटना को अंजाम दिया गया, वो भी बंद है। वहां मृतक चिंटू के खून के निशान अभी भी मौजूद हैं। मामले की पड़ताल के दौरान हमारे हाथ एक सोशल मीडिया स्टेटस लगा। जिसमें हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने से एक घंटे पहले साथ में फोटो लगाई थी।
वो एक रेस्टोरेंट में साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। स्टेटस में बदला लेने और मुख्य सरगना को मारने जैसी ऑडियो सुनाई दे रही है। कहा जा रहा है कि हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे। पढ़िए यह रिपोर्ट…
पुलिस ने शुक्रवार शाम को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मां ने कहा- 10 साल पहले 50 हजार उधार लिए थे धर्मेंद्र ठाकुर (चिंटू) की मां रजनी की रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने हमें झगड़े की शुरुआत की कहानी बताई। कहा कि मेरा घर सुना हो गया है। एक बेटा कोरोना के खत्म हो गया था, दूसरे की हत्या कर दी गई। दोनों बहुएं बैठी हैं। इतने इतने से बच्चों का क्या होगा। मुझे इंसाफ चाहिए। पुलिस हमारे पास क्यों नहीं आई? हमें उन्हें कुछ बताना था।
10 साल पहले मेरे बेटे और आशीष विश्वकर्मा उर्फ अस्सू की दोस्ती थी। अस्सू ने अपनी बहन को शादी के लिए 50 हजार रुपए उधार लिए थे। जब कुछ दिनों बात मेरे बेटे ने पैसे वापस मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। बेटे ने भी पैसे माफ कर दिए।
इसके बाद से अस्सू ठाकुर दूसरे लोगों से मिलकर उससे दुश्मनी रखने लगा। उसने घर के पास ही वाले मंदिर में चिंटू को गोली मार दी थी। बेटा घायल हो गया था। उसके साथी उसे जबलपुर इलाज के लिए ले गए। भगवान की दया से वो ठीक हो गया था। उसी के बाद से ये दुश्मनी बढ़ी।

धर्मेंद्र की मां रजनी ने कहा कि अस्सू से मेरे बेटे की दोस्ती थी।
मां ने कहा- एक हफ्ते पहले घर आया था हत्यारा जब धर्मेंद्र ठाकुर की मां रजनी को सोशल मीडिया स्टेटस दिखाया तो तस्वीर देखते ही उन्होंने एक लड़के की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इसको मैं पहचानती हूं। यह लड़का 10 पहले सुबह सुबह घर आया था। उसने हमसे पूछा कि चिंटू भैया कहां है?
इसके बाद उसने कहा कि मैं जबलपुर से आया हूं। गाड़ी से उतरा हूं। रीवा जा रहा हूं। चिंटू भैया मेरा दोस्त है। जब वो जेल में बंद थे, तब मैं भी उनके साथ था।
अस्सू विश्वकर्मा पर गोली चलने वाली बात पर मां ने कहा, उस पर मेरे बेटे ने गोली नहीं चलाई थी। जिसने उसे गोली मारी थी वो जेल के हैं।
दुश्मनी के उसे फंसाने की कोशिश की गई। दुश्मनों ने उसे पार्षद का चुनाव लड़वाया, फिर हरवाया। फिर उसे रेत का ठेकेदार बनाया। दुश्मनी किसी और ने की, मेरे बेटे को फंसा दिया जाता था। अब उसकी हत्या कर दी गई।
पिता रंजीत सिंह बेसुध हैं। उन्होंने कहा हमारे साथ न्याय होना चाहिए। छोटे-छोटे नाती नातिन हैं। उन्हें कौन पलेगा। मैं 80 साल का हूं, क्या करूंगा। मेरा कोई सहारा नहीं है। दुश्मनों ने उसे मार डाला। 5 साल से रेत की ठेकेदारी कर रहा है। रेत को लेकर ही दुश्मन इससे लड़ाई-झगड़े करते रहते थे।

यह कुख्यात बदमाश अस्सू विश्वकर्मा है। माना जा रहा है कि इसी के कहने पर लवी उर्फ सोम तिवारी और शेखर बर्मन ने गोली मारी थी।
पत्नी बोली- सिहोरा को जिला बनाने घर से निकले थे धर्मेंद्र की पत्नी सीमा ठाकुर ने कहा कि दोपहर करीब 12 बजे बच्चे स्कूल से आए थे। वो बच्चों के साथ बैठकर खेले। खाना खाया फिर सिहोरा को जिला बनाने वाले आंदोलन में शामिल होने के लिए घर से निकले। कह कर गए थे कि थोड़े देर से आता हूं।
घर से निकलते ही हत्यारों ने उनका पीछा किया तभी वो उन्हें मार पाए। मुझे न्याय चाहिए अस्सू विश्वकर्मा और उसके साथियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। मैं अपने छोटे बच्चों के साथ कैसे गुजर बसर करूंगी ये कहते हुए सीमा रो पड़ी।

धर्मेंद्र के दोस्त विवेक सेठ ने बताया उस पर हमले से 3 मिनट पहले बात हुई थी।
गोली लगने से 3 मिनट पहले तक दोस्त से हुई बात घर पर ही धर्मेंद्र के एक साथी विवेक सेठ ने अपना फोन कॉल रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि गोली से करीब 3 मिनट पहले 12.57 पर मेरी बात धर्मेंद्र से हुई थी। मेरे पास उसका कॉल आया था। मेरी उससे 3 मिनट 15 सेकेंड बात हुई। वो मुझसे पूछ रहा था कहां हो?
ऐसे ही सामान्य बात हो रही थी कि मुझे फोन कॉल पर ही अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी, फोन कट गया। मैने 1 बजकर 1 मिनट और 1 बजकर 4 मिनट पर लगातार दो कॉल किए लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कुछ ही देर में पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है।

चश्मदीद नरेंद्र मिश्रा ने दोनों आरोपियों को गोली चलाते हुए देखा था।
चश्मदीद ने भास्कर की दिखाई तस्वीरें देखते ही कहा, यही दोनों थे घटना के चश्मदीद नरेंद्र मिश्रा से काफी मशक्कत के साथ बात हुई। उन्होंने बताया, मैं पास ही के अपने गांव से आकर करीब 1 बजे खितौला से सिहोरा जा रहा था। कार वाॅशिंग पॉइंट के पास ही मैने देखा कि दो लोग धर्मेंद्र को खदेड़ रहे थे और उसे गोली मार रहे हैं।
मैने वहीं अपनी साइकिल खड़ी की। पूरा घटनाक्रम मैंने प्रत्यक्ष देखा। मैं उनके नाम तो नहीं जानता लेकिन जब सामने आएंगे तो उन्हें पहचान लूंगा। ये सब देखकर मैं घबरा गया था।
दैनिक भास्कर ने नरेंद्र मिश्रा को वही फोटो दिखाई जिसमें दोनों लड़के बैठे हुए थे। फोटो देखते ही नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि हां यही दोनों लड़के हैं जिन्होंने धर्मेंद्र पर गोली चलाई।
तस्वीर में दिख रहा एक लड़का सिहोरा और दूसरा रीवा का था। तस्वीर में दिख रहा लवी तिवारी नाम का लड़का रीवा का है जिसका सिहोरा आना-जाना होता रहता था। तस्वीर में दिख रहा दूसरा शख्स शेखर है, जो सिहोरा का ही रहने वाला है। कुछ स्थानीय लोगों ने ऑफ कैमरा बताया कि लवी तिवारी धर्मेंद्र उर्फ चिंटू का लंबे वक्त से दोस्त था।

पुलिस ने लवी और शेखर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया।
अस्सू के कहने पर मारी गोली, 3 दिन की रिमांड पर रेत ठेकेदार के हत्या के आरोपी लवी उर्फ सोम तिवारी और शेखर बर्मन दर्शनी गांव के बाहर छिपे थे। वे शहर छोड़ने की फिराक में थे। उसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्त में आए हत्यारे रीवा और सिहोरा के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि कुख्यात बदमाश अस्सू विश्वकर्मा के साथी है। माना जा रहा है कि उसके कहने पर ही लवी और शेखर ने गोली मारी थी। खितौला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश करते हुए तीन दिन की रिमांड ली गई है।
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कारोबारी धर्मेंद्र हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा

जबलपुर के सिहोरा में गुरुवार दोपहर दिनदहाड़े रेत कारोबारी चिंटू उर्फ धर्मेंद्र ठाकुर की गोली मारकर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लया। ये बदमाश हत्या करने के बाद दर्शनी गांव के बाहर छिपकर बैठे हुए थे। पूरी खबर यहां पढ़े…
पकड़ा-पटका और सिर से सटाकर मारीं 3 गोली, VIDEO

एक बदमाश ने धर्मेंद्र को पकड़ा। उसे सड़क पर गिराया। दूसरे ने उसे 3 गोलियां मार दीं।
जबलपुर के सिहोरा में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर जा रहे युवक को दो बदमाशों ने रोका। वह भागा तो उसका पीछा किया। एक बदमाश ने उसे पकड़कर सड़क पर पटक दिया। दूसरे ने युवक से सिर से सटाकर तीन गोलियां चला दीं। वारदात का वीडियो भी सामने आया है। पूरी खबर पढ़ें