हरदा में केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उइके ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर छात्र संवाद में हिस्सा लिया। शनिवार को जिला मुख्यालय के पीएम श्री कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
.
मंत्री उइके ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ देश के भविष्य की दिशा बदल सकता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद 62 सालों तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद कांग्रेस ने विकास में बाधा डालने वाली स्थितियों और कानूनों को दूर करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने समझाया कि लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, शासन में स्थिरता आएगी और नीतियों का क्रियान्वयन तेजी से होगा। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में एक आम चुनाव पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं, जिसे एक साथ चुनाव कराने से काफी कम किया जा सकता है। इस बचत को विकास योजनाओं में लगाया जा सकेगा।
उइके ने यह भी कहा कि बार-बार लगने वाली आचार संहिता के कारण रुकने वाले विकास कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहेंगे। उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को देशहित में एक गंभीर विषय बताते हुए युवाओं से इसके समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया। उनके अनुसार, इस विषय पर युवाओं की गंभीरता दर्शाती है कि देश का भविष्य जागरूक हाथों में है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने छात्रों से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा, आवश्यकता और इससे देश को होने वाले लाभों को विस्तार से जानने और समझने का आग्रह किया।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर विद्यार्थियों के अलग-अलग मत सामने आए। बीए की छात्रा कृतिका अत्रे ने कहा कि इस व्यवस्था से समय और धन की बचत होगी। वहीं, छात्र प्रियव कुशवाहा ने चिंता व्यक्त की कि एक साथ चुनाव होने से नागरिकों को स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों को एक साथ उठाने में परेशानी हो सकती है।
