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Jabalpur news: छोटी उम्र में बड़े रिकॉर्ड बनाने वाले महज 4 साल के एक बच्चे ने 10 रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं और एक नया कीर्तिमान बनाया हैं. जिसकी मेमोरी चाचा चौधरी जैसी शार्प है. यह बच्चा जिस पिक्चर को एक बार देख लेता है और जान लेता है, उसे तुरंत ही याद रह जाता है. इसी मेमोरी के बलबूते मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाले 4 साल के फतेह गायकवाड़ ने कई रिकॉर्ड्स बनाए है.
जबलपुर: छोटी उम्र में बड़े रिकॉर्ड बनाने वाले महज 4 साल के एक बच्चे ने 10 रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं. एक नया कीर्तिमान बनाया हैं. जिसकी मेमोरी चाचा चौधरी जैसी शार्प है. यह बच्चा जिस पिक्चर को एक बार देख लेता है और जान लेता है, उसे तुरंत ही याद रह जाता है. इसी मेमोरी के बलबूते मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाले 4 साल के फतेह गायकवाड़ ने कई रिकॉर्ड्स बनाए हैं.
फतेह, चंद मिनट में ही 38 से ज्यादा पक्षी, 35 से ज्यादा बॉडी ऑर्गन, 27 से ज्यादा प्लांट्स और करीब 50 हिन्दू देवी देवताओं के नाम देखकर फटाफट बता देता हैं. जब लोकल 18 की टीम फतेह के किड्स स्कूल पहुंची. तब हमारी टीम ने भी फतेह के इस रिकार्ड को देखा, जहां फतेह को कार्ड्स दिखाए गए. वहीं अपनी शार्प मेमोरी के चलते फतेह ने फटाफट कार्ड को देखकर सारे नाम चुटकियों में ही बता दिए.
फतेह के नाम है इतने रिकॉर्ड
फतेह की मां पलक तिवारी ने बताया कि फतेह के रिकॉर्ड का कारवां 3 साल की उम्र से ही शुरू हो गया था. जहां फतेह ने 5 मिनट में 27 से ज्यादा प्लांट्स के नाम बता कर रिकॉर्ड बनाया था. फतेह का यह पहला रिकॉर्ड था, जिसे वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था. इसके बाद एक साल में ही करीब 10 से ज्यादा अवार्ड फतेह ने अपनी मेमोरी के चलते इसी तरह हासिल किए. लिहाजा फतेह के पास वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड के तीन, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के दो, इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में सुपर टैलेंटेड किड और वन इन ए मिनियन के खिताब से भी नवाजा गया. इसी तरह कुल मिलाकर 10 रिकॉर्ड फतेह ने हासिल किए.
एक साल से ही शार्प है दिमाग
फतेह की मां ने बताया सामान्य बच्चों के लिए इतने नाम बताना काफी मुश्किल है. फतेह जब 1 साल का था तभी से फतेह की मेमोरी शार्प थी, फतेह को गाने याद नहीं होते थे, लेकिन लिरिक्स याद रहती थी. जिसे फतेह गाया करता था. फतेह जिस चीज को भी फोटो में देख लेता था, फतेह को सारी चीजें याद रहती थी. इसी स्किल के साथ पिता उदित गायकवाड़ और मां ने मिलकर काम किया. उन्होंने बताया हर माता-पिता को अपने बच्चों की स्किल पहचानना चाहिए, जिससे बच्चा इंटेलिजेंट बनता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें