सतना बना देश का हाईटेक वॉटर मॉडल! रियल-टाइम मॉनिटरिंग ने बदली व्यवस्था

सतना बना देश का हाईटेक वॉटर मॉडल! रियल-टाइम मॉनिटरिंग ने बदली व्यवस्था


सतना:  शहर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि टेक्नोलॉजी और ट्रांसपेरेंसी के सही उपयोग से किसी भी सरकारी सिस्टम को न सिर्फ आधुनिक बनाया जा सकता है बल्कि जनता की वर्षों पुरानी समस्याओं को एक झटके में खत्म भी किया जा सकता है. सतना स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किया गया 21 करोड़ रुपये लागत का अत्याधुनिक SCADA सिस्टम अब सतना के पेयजल प्रबंधन को देश के सबसे हाईटेक और विश्वसनीय मॉडलों में शामिल कर चुका है. हाल ही में एसोचैम नेशनल वॉटर अवॉर्ड से सतना को सम्मानित किया गया जो देश की 100 स्मार्ट सिटीज़ में सिर्फ सतना को मिला.

महापौर को दिया गया सम्मान

दिल्ली में आयोजित अवॉर्ड समारोह में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी और पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने यह सम्मान सतना के महापौर योगेश ताम्रकार और स्मार्ट सिटी के CFO सत्यम मिश्रा को प्रदान किया. यह सम्मान शहरी जल प्रबंधन श्रेणी में दिया गया जिसमें सतना ने अन्य शहरों को पीछे छोड़ते हुए तकनीकी नवाचार और कुशल पेयजल संचालन का मजबूत प्रदर्शन किया. स्मार्ट सिटी के मैनेजर (ई-गवर्नेंस) दीपेंद्र सिंह राजपूत ने लोकल 18 से बताया कि जून 2025 में एसोचैम ने नॉमिनेशन मांगे थे. जिसमें सतना ने अर्बन वॉटर मैनेजमेंट केटेगरी में आवेदन किया था. उन्होंने कहा स्काडा सिस्टम की व्यापक ऑटोमेशन क्षमता और रियलटाइम मॉनिटरिंग ने ही सतना को शीर्ष पर पहुंचाया.

टमस नदी से घर तक पानी की हर बूंद पर नजर

स्कॉडा सिस्टम के तहत सतना की पूरी वाटर सप्लाई जैसे टमस नदी से डब्ल्यूटीपी तक और डब्ल्यूटीपी से ओएचटी तक ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग के दायरे में है. इसमें लगे कई संवेदनशील सेंसर लगातार डेटा रिकॉर्ड करके सर्वर तक भेजते हैं. सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि कहीं भी लीकेज, लो प्रेशर, लाइन फॉल्ट या पानी की गुणवत्ता में बदलाव होता है तो उसकी जानकारी तुरंत आईट्रोन ऐप में मिल जाती है.एम इससे पीएचई की फील्ड टीम सीधे उसी स्थान पर पहुंचकर समस्या का समाधान करती है जिसमें पहले जहां हफ़्तों लग जाते थे वहीं अब सिर्फ 12 से 24 घंटे में समस्या हल हो जाती है.

रीयल-टाइम क्वालिटी मॉनिटरिंग

स्काडा सिस्टम सतना को सिर्फ बेहतर सप्लाई नहीं बल्कि सुरक्षित और शुद्ध पानी भी उपलब्ध करवाता है. पानी की पीएच वैल्यू, क्लोरीन डोज़िंग और प्यूरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया अब कमांड सेंटर से तत्काल देखी जा सकती है. आईसीसी यानी integrated Command and Control Centre में उदाहरण दिखाते हुए राजपूत ने बताया कि शहर की प्रमुख टंकियों, जैसे बाईपास स्थित ओवरहेड टैंक और जवाहरनगर टंकी में कितने प्रतिशत पानी भरा है, टंकी ओवरफ्लो की स्थिति और ऑटोमैटिक रीफिलिंग सब कुछ रियलटाइम स्क्रीन पर दिखता है.

100 स्मार्ट सिटीज़ में सिर्फ एक शहर को मिला सम्मान

स्काडा सिस्टम ने सतना को देश भर में एक मॉडल स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित कर दिया है. ओवरहेड टैंक से लेकर एनीकट तक हर स्तर पर स्वचालित निगरानी, फॉल्ट डिटेक्शन, गुणवत्ता नियंत्रण और तुरंत समाधान लोगों को हर तरह से लाभ पहुंचाएगा इससे पानी की बर्बादी कम होगी, लागत बचेगी, सेवा की गति बढ़ेगी, वहीं नागरिकों को लगातार स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के इस मजबूत तंत्र ने न केवल सतना की पहचान बदली है बल्कि आने वाले वर्षों में यह पूरे देश के लिए एक संदर्भ मॉडल साबित हो सकता है.



Source link