Datura Ayurvedic Benefit: विंध्य क्षेत्र की प्रकृति में कई चमत्कारी वनस्पतियां हैं. इनका उपयोग सदियों से आयुर्वेद और धार्मिक परंपराओं में होता आ रहा है. इनमें से एक है धतूरा. यूनानी मेडिकल ऑफिसर डॉ. जुबैर अली ने बताया, धतूरा दर्द निवारक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-स्पास्मोडिक गुणों से भरपूर है. इसकी पत्तियां, बीज, फूल और जड़ बीमारी मिटाने में उपयोगी हैं. आगे बताया, पुराने समय में दमा के मरीजों को धतूरे के पत्तों का धुआं दिया जाता था. वहीं दांत दर्द में इसकी जड़ का उपयोग किया जाता है. बरसात के मौसम में आने वाला कांटेदार धतूरे का फल का तेल दर्द और सूजन में राहत के लिए आज भी इस्तेमाल किया जाता है. इसका प्रयोग केवल डॉक्टर की सलाह और देखरेख में ही करना चाहिए, बिना जानकारी या घरेलू प्रयोग करने पर यह औषधि जहर का काम भी कर सकती है.