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Indore News: राजा रघुवंशी की याद में उनके परिजनों ने एक ढाबा खोला है. इसका नाम राजा भोज रखा गया है. अपना ढाबा खोलना राजा का सपना था. ढाबे में राजा की पसंद की डिश भी रखी गई हैं.
इंदौर. देश का सबसे चर्चित हनीमून हत्याकांड फिर सुर्खियों में है. इस बार यह इस केस की वजह से नहीं बल्कि एक ढाबे की वजह से चर्चा में है. दरअसल मध्य प्रदेश के इंदौर के दिवंगत ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की याद में उनके परिजनों ने एक ढाबा खोला है. अपना ढाबा खोलना राजा का सपना था. खास बात यह है कि इसमें राजा की पसंदीदा डिश भी मेन्यू में रखी गई हैं. उनके भाई विपिन रघुवंशी ने पहले ही इस ढाबे को खोलने वाले थे लेकिन व्यस्तता के चलते इसे टाल दिया था. परिवार ने केट रोड पर पहले ही जमीन किराये पर ले ली थी लेकिन राजा की धोखे से हुई हत्या के बाद कुछ करने का मौका ही नहीं मिला. वहीं इस घटना की वजह से कामकाज भी काफी प्रभावित हो चुका था, जिसे पटरी पर लाने में काफी समय बीत गया.
फिलहाल अब ढाबा शुरू हो गया है. ढाबे का नाम राजा भोज रखा गया है. अब इसके माध्यम से राजा के इस अधूरे सपने को पूरा किया गया है. परिवार ने मिलकर इसकी योजना बनाई थी, जिसका संचालन राजा द्वारा किया जाना था. अब भले ही राजा दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी पसंद की कई चीजों को मेन्यू में रखा जा रहा है.
राजा को पसंद थीं ये 4 डिश
विपिन रघुवंशी ने लोकल 18 को बताया कि राजा को दाल-बाटी सबसे अधिक पसंद थी, इसलिए इसे खासतौर पर मेन्यू में रखा गया है. वहीं चिकन चिली, चिली पनीर और मलाई कोफ्ता भी राजा को बहुत पसंद था. ये डिशेज़ भी ढाबे के मेन्यू में रखी गई हैं. लोगों की भावनाओं को देखते हुए वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग किचन बनाए गए हैं.
ढाबे पर राजा की निशानी
राजा रघुवंशी की निशानी के तौर पर ढाबे के बाहर एक बड़ी सी शेर की तस्वीर लगाई गई है. विपिन ने कहा कि राजा ने जितनी भी जिंदगी जी, वह शेर की तरह जी. वह किसी से डरता नहीं था. राजा बहुत ही ताकतवर था और अकेले ही चार-पांच लोगों से लड़ सकता था लेकिन हनीमून के दौरान सोनम रघुवंशी ने धोखे से उसकी हत्या की थी. ढाबे की एंट्री में उन्होंने इस तस्वीर को लगाया है ताकि यह संदेश सभी तक जाए कि राजा को धोखे से मारा गया था.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.