सीहोर जिले के उमरपुर गांव में अवैध खनन ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। खनन के दौरान हो रहे तेज विस्फोटों से गांव के कच्चे मकानों की छतों पर पत्थर गिर रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। विस्फोटों से उठने वाली धूल और मिट्टी ने गांव के ल
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ग्रामीणों का कहना है कि लगातार उड़ती धूल के कारण दमा, एलर्जी और टीबी जैसी बीमारियां फैल रही हैं। अब तक धूल के कारण हो रही बीमारियों से गांव के 9 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग ढंग से खाना तक नहीं खा पा रहे हैं।
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण मंगलवार को ग्राम पंचायत सेंधोखेड़ी के उमरपुर गांव के लोग जनसुनवाई में पहुंचे और खनिज विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 103 की लगभग 7.851 हेक्टेयर भूमि पर केशर नामक व्यक्ति द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। उत्खनन के दौरान किए जा रहे विस्फोटों से आसपास के गांव भी हिल जाते हैं और भूकंप जैसे झटके महसूस होते हैं।
घरों की छत पर गिरते हैं कंकड़ पत्थर ग्रामीणों ने बताया कि 9 दिसंबर को सुबह 11 से 12 बजे के बीच हुए एक तेज विस्फोट से कई घरों की छतों पर पत्थर गिरे और पूरे गांव में धूल का गुबार फैल गया। सरपंच और ग्रामवासियों ने इस मामले की शिकायत एसडीएम और खनिज विभाग के अधिकारियों से कई बार की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन पर्यावरण विभाग भी कार्रवाई से दूर बना हुआ है। महिलाओं ने बताया कि गांव में फैली बीमारियों और डर के कारण लड़के-लड़कियों के विवाह तक रुक गए हैं। न तो कोई अपनी बेटी इस गांव में देना चाहता है और न ही यहां की बीमार लड़कियों से शादी करने को तैयार है।