गेहूं में सिंचाई करने और यूरिया छिड़काव करने का क्या है सही समय? जानें कृषि वैज्ञानिक से

गेहूं में सिंचाई करने और यूरिया छिड़काव करने का क्या है सही समय? जानें कृषि वैज्ञानिक से


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Agriculture Tips: किसान भाइयों के लिए हम कृषि वैज्ञानिक की सलाह लेकर आए हैं जिसमें बताएंगे कि गेहूं की बुवाई के बाद किसानों को कब कितनी सिंचाई करनी चाहिए और कितना यूरिया का छिड़काव करना चाहिए.

अनुज गौतम, सागर: सागर जिले में इस बार लगभग 3 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो चुकी है जो पिछले साल से तो कम है. लेकिन बुवाई के बाद फसल से अच्छा उत्पादन करने के लिए बेहतर प्रबंधन की भी आवश्यकता होती है. इसमें समय पर सिंचाई करना समय पर उर्वरक देना बेहद जरूरी होता है, तो किसान भाइयों के लिए हम कृषि वैज्ञानिक की सलाह लेकर आए हैं. जिसमें बताएंगे कि गेहूं की बुवाई के बाद किसानों को कब कितनी सिंचाई करनी चाहिए और कितना यूरिया का छिड़काव करना चाहिए.

सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर के ऐस यादव बताते हैं जिन किसानों के पास अपनी फसल को चार से पांच बार सिंचाई करने का पानी उपलब्ध है. उन्हें अपने खेत में प्रति एकड़ के हिसाब से 100 से लेकर 120 किलो तक यूरिया देना चाहिए. अगर कर पानी है तो इसको चार बराबर भागों में बांट ले और पांच पानी है तो 5 बराबर भागों में बांट ले. और प्रति एकड़ 20 से 25 किलो यूरिया का छिड़काव करें.

जिनके पास चार – पांच पानी उपलब्ध 
सामान्य तौर पर आप जैसे ही पहली सिंचाई करते हैं 20 से 22 दिन बाद जिसको हम क्रिटिकल रूट इनीशिएशन स्टेज कहते हैं जिसमें जड़ों का विकास बहुत तीव्र गति से होता है. ऐसी अवस्था में 20 से 25 किलो उर्वरक का तुरंत छिड़काव कर देना चाहिए. अब आपने दूसरा पानी दिया तो 40 से 45 दिन बाद दूसरी बार यूरिया का छिड़काव करें, इसी तरह 60 से 65 दिन में होने के बाद तीसरा छिड़काव करें, चौथा जब इसकी फ्लावरिंग स्टेज 75 से 80 दिन में आ जाती है, तो आप फिर से 20 से 25 किलो यूरिया दे दीजिए और अगर आप दूध बनते समय पांचवा यूरिया का छिड़काव करते हैं तो और भी अच्छा रहता है हालांकि इस समय समय फसल बड़ी हो जाती है तो नैनो डीएपी के घोल का छिड़काव कर सकते हैं.

जिनके पास तीन पानी उपलब्ध, वह ऐसा करें
जिन किसानों के पास मात्र तीन पानी है. सबसे महत्वपूर्ण है कि 25 से 30 किलो यूरिया सियाराई स्टेज यानी की 20 से 25 दिन में जब पहले पानी देते हैं. तो उसके बाद छिड़काव कर दें, दूसरा पानी जब 45 से 50 दिन में आप देते हैं यानी इस समय गेहूं से कल्ले निकल रहे होंगे तो आप यूरिया का छिड़काव कर दें तीसरा पानी 70 से 75 दिन में ग़बोट बनने की अवस्था में दे.

यूरिया की बचत के लिए किसान भाई नैनो यूरिया का छिड़काव करें लेकिन जब पहले यूरिया देते हैं तो उस समय यूरिया का ही छिड़काव करें, दूसरा अगर आपके पास नैनो यूरिया है तो 40 से 45 दिन बाद 3ml के आसपास प्रति लीटर की दर से नैनो यूरिया का छिड़काव करें दूसरा फूल आने के पहले करें, इस तरह से किसान के पास जितना पानी उपलब्ध है उस हिसाब से छिड़काव करें.

दो पानी वाले किसान 
अगर किसान भाइयों के पास केवल दो अपनी ही उपलब्ध है तो बुवाई के बाद एक सच्चाई तो जब रूट निकलती है उस समय 20 से 25 दिन में ही कर दें और दूसरी बार जब कल्ले निकलते है. और गवोंट बनती हे तो 60 से 70 दिन के बीच सिंचाई करके यूरिया का छिड़काव कर दें, अगर इसके बाद बारिश हो जाती है तो नैनो यूरिया का छिड़काव कर दें तो आपकी फसल से अच्छा उत्पादन मिलेगा.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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