भिंड पहुंचे चंबल रेंज डीआईजी: पुलिस जवानों की सुनी समस्याएं, ई-पुलिसिंग और गोल्डन आवर पर दिया जोर – Bhind News

भिंड पहुंचे चंबल रेंज डीआईजी:  पुलिस जवानों की सुनी समस्याएं, ई-पुलिसिंग और गोल्डन आवर पर दिया जोर – Bhind News



चंबल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील कुमार जैन ने मंगलवार को पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड, संसाधन, पुलिस अस्पताल और क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआईजी ने पुलिसिंग को और अधिक तकनीक आधारित, संव

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पुलिस लाइन पहुंचने पर डीआईजी सुनील कुमार जैन को सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने प्लाटून की तैयारियों, मार्च-पास्ट, हथियारों और पुलिस वाहनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पुलिस लाइन के संसाधन और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके बाद बलवा परेड कराई गई, जिसमें जवानों की अनुशासन और तत्परता की समीक्षा की गई।

डीआईजी ने पुलिस अस्पताल का भी निरीक्षण किया। अस्पताल के रिकार्ड देखने के दौरान प्रतिदिन 20 से 25 ओपीडी होने पर उन्होंने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि पुलिसकर्मी और उनके परिवार अस्पताल की सुविधाओं पर भरोसा कर रहे हैं। एमटी परेड और क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने स्टाफ के कार्य की सराहना की।

इसके बाद आयोजित पुलिस दरबार में डीआईजी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। हवलदार रामकुमार पांडेय ने पेट्रोल की कमी का मुद्दा उठाया, जबकि महिला आरक्षक नेहा ने आवास की समस्या बताते हुए किराए के मकान में असुरक्षा की बात कही। लहार टीआई शिवसिंह यादव ने हर थाने में मैस व्यवस्था शुरू करने का सुझाव दिया। डीआईजी ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए।

डीआईजी सुनील कुमार जैन ने तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर देते हुए ई-रक्षक ऐप को नियमित रूप से अपडेट करने, ई-साक्ष्य में डिजिटल साक्ष्यों के सही रखरखाव और सभी गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर अपराधों में तेजी से कार्रवाई और 1930 हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों का तुरंत निराकरण करने को कहा।

सड़क हादसों के मामलों में ‘गोल्डन आवर’ के पालन को अनिवार्य बताते हुए डीआईजी ने कहा कि घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील और सहयोगी व्यवहार अपनाने तथा बीट प्रभारी और बीट आरक्षकों को समय पर सूचनाएं थाने तक पहुंचाने के निर्देश दिए।



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