शिवपुरी जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में जमीनी धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए, जिनमें पीड़ितों ने अपने ही परिजनों और प्रभावशाली लोगों पर जमीन हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और ठगी के गंभीर आरोप लगाए। तीनों मामलों में पीड़ितों ने कलेक्
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शिवपुरी रेलवे स्टेशन माल गोदाम के सामने रहने वाली विनीता परिहार ने जनसुनवाई में आवेदन देकर उत्तर प्रदेश में पदस्थ महिला आरक्षक भावना परिहार पर गंभीर आरोप लगाए। विनीता का कहना है कि उनके पति स्व. पूरन सिंह परिहार की पहली पत्नी भावना परिहार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर मृत पति की जमीन अवैध रूप से अपने नाम नामांतरित करवा ली और बाद में उसे अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को बेच दिया।
पीड़िता के अनुसार वर्ष 2005 में दोनों का विवाह विच्छेद हो चुका था और वर्ष 2012 में पूरन सिंह ने विनीता से विवाह किया था। 2017 में पति की मृत्यु के बाद भावना कभी परिवार के संपर्क में नहीं आई, इसके बावजूद जमीन अपने नाम करवा ली गई। आरोप है कि जमीन को खाली दर्शाकर रजिस्ट्री की गई, जबकि उस पर वर्षों से मकान बना हुआ है, जिसमें विनीता अपने बच्चों और संयुक्त परिवार के साथ रह रही हैं। पीड़िता ने अवैध रजिस्ट्री निरस्त कर उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा की मांग की है।
वृद्ध मां और बेटियों से बेटे ने कराई फर्जी लिखा-पढ़ी दूसरे मामले में ग्राम ईटमा निवासी वृद्ध और अनपढ़ महिला रामश्री बाल्मिक ने अपने ही बेटे घनश्याम बाल्मिक पर गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पीड़िता के अनुसार उनके और उनकी चार बेटियों के नाम दर्ज कृषि भूमि को बेटे ने नाम जुड़वाने का झांसा देकर 13 दिसंबर 2025 को शिवपुरी बुलाया, जहां फोटो खींचकर अंगूठे और हस्ताक्षर करवा लिए गए।
कहीं पति की आरक्षक पत्नी ने बेची, कहीं बेटे ने मां बहनों को ठगा बाद में पता चला कि इन दस्तावेजों के आधार पर अरविंद रावत के पक्ष में रजिस्टर्ड विक्रय अनुबंध पत्र करा दिया गया है, जबकि जमीन बेचने की कोई सहमति नहीं दी गई थी। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़िता ने अनुबंध निरस्तीकरण और आरोपियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
प्लॉट दिलाने के नाम पर 1.27 लाख की ठगी तीसरे मामले में इंद्रा कॉलोनी निवासी महाराज सिंह कुशवाह ने प्लॉट दिलाने के नाम पर 1 लाख 27 हजार रुपए की ठगी का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि दलाल धर्मेंद्र परिहार ने हवाई पट्टी के पास प्लॉट की रजिस्ट्री कराने का वादा कर 9 अगस्त 2021 को एडवांस रकम ली, लेकिन न तो रजिस्ट्री कराई और न ही पैसे लौटाए।
पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। 4 दिसंबर 2025 को कोतवाली में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने एसपी से सख्त कदम उठाने और रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।