Bhopal News: मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक आज भोपाल में हुई. बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई, जो राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी देते हुए बताया, ये निर्णय राज्य की प्रगति को नई गति प्रदान करेंगे. उन्होंने जोर दिया कि सरकार का फोकस किसानों, युवाओं और ग्रामीण विकास पर है और ये फैसले उसी दिशा में एक कदम हैं.
जल संरक्षण परियोजना के लिए 1782 करोड़
बैठक का सबसे प्रमुख फैसला राघवपुर परियोजना से जुड़ा है. कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी सिंचाई और जल संरक्षण परियोजना के लिए 1782 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है. यह परियोजना मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और कृषि उत्पादकता को दोगुना करने का लक्ष्य रखती है. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा और परियोजना के तहत नहरों का निर्माण, जलाशयों का विस्तार तथा सिंचाई सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा. यह फैसला राज्य की ‘जल जीवन मिशन’ को मजबूती प्रदान करेगा.
सड़क परियोजना में 3810 कार्यों को मंजूरी
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री सड़क परियोजना के तहत लिया गया. कैबिनेट ने 3810 कार्यों को मंजूरी दी है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं. इन कार्यों में ग्रामीण सड़कों का निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण शामिल है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बाजारों तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच होगी. डिप्टी सीएम ने कहा, यह परियोजना राज्य के हर कोने को जोड़ने का माध्यम बनेगी.
उद्धम क्रांति योजनार: 905 करोड़ का प्रावधान
युवा उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए उद्धम क्रांति योजना को 2026-27 तक निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी गई. इसके तहत 905 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार पहुंच प्रदान की जाएगी. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इससे हजारों युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ेगा.
वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना होगी
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सकारात्मक कदम उठाया गया. कैबिनेट ने वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है. राज्य में छह ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे, जिनके लिए 48 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया. ये केंद्र वन संरक्षण, जैव विविधता अध्ययन और वनीकरण तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देंगे. इससे जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिलेगी.
कर्मचारियों के अस्थायी पद स्थायी होंगे
प्रशासनिक सुधारों के तहत कैबिनेट ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थायी और अस्थायी पदों के बीच विभेदीकरण को समाप्त करने का फैसला लिया. वर्तमान में 10 श्रेणियां हैं, जो अब घटाकर 5 कर दी जाएंगी. सभी अस्थायी पदों को स्थायी में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे. साथ ही, कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित कर दिया जाएगा और इन पर कोई नई नियुक्ति नहीं होगी. इस कदम से सरकारी कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा बढ़ेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी. उपमुख्यमंत्री ने कहा, यह फैसला कर्मचारियों के हित में है, जो लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे.