गुरखा, ट्रेवलर, आयशर और बाकी, जानिए कहां तैयार होती हैं आपकी गाड़ी

गुरखा, ट्रेवलर, आयशर और बाकी, जानिए कहां तैयार होती हैं आपकी गाड़ी


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Five Major Indian Auto Factories: ऑटोमोबाइल सेक्टर अपने आप में एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है देश भर में हर साल करोड़ वाहनों की बिक्री होती है लेकिन कि आपने कभी सोचा है कि यह वहां कहां बनते हैं और आपके पास जो बाइक जाकर है या फिर कोई सवारी गाड़ी वह कहां बनी है.

ऑटोमोबाइल सेक्टर अपने आप में एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है देश भर में हर साल करोड़ वाहनों की बिक्री होती है लेकिन कि आपने कभी सोचा है कि यह वहां कहां बनते हैं और आपके पास जो बाइक जाकर है या फिर कोई सवारी गाड़ी वह कहां बनी है. हो सकता है आप जुबान इस्तेमाल कर रहे हैं वह इंदौर के पास पीथमपुर में बना क्योंकि यह देश का एक सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब है जहां एक इंडस्ट्रियल एरिया में कहीं ऑटोमोबाइल कंपनियां है.

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इंदौर के पास स्थित पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में ट्रक्स, बस से लेकर टू व्हीलर और कार सब बनता है. यही कारण है कि इसे मध्य प्रदेश का डेट्रायट भी कहा जाता हैं. पीथमपुर भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल हब में से एक है गाड़ियों के अलावा उनके पूर्जों का भी यह एक बड़ा हब हैं. यहां से वाहन केवल देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं.

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आपने कभी ना कभी ट्रैवलर में सफर तो किया ही होगा या फिर तूफान जैसी बड़ी जीप में भी सफर का मज़ा लिया होगा. फोर्स मोटर्स की ये गाड़ियां पीथमपुर में ही बनती है जहां इसका विशाल कारखाना है. ऑफ-रोड वाहनों के लिए मशहूर फोर्स की SUV ‘गुरखा’ भी यहीं बनती है।.  फोर्स मोटर्स यहां दशकों से कार्यरत है साथ ही रोजगार का बड़ा स्त्रोत भी.

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EICHER के बारे में कौन नहीं जानता आज‌ यह मालवाहक ट्रकों का पर्याय बन चुका है. आयशर का बड़ा कारखाना पीथमपुर में हैं जहां से हर साल लाखों आयशर देश और दुनिया में बनाकर भेजी जाती है. आयशर के ही प्लांट में रॉयल इनफील्ड की बुलेट का निर्माण भी होता है. इसके इतर वोल्वो ग्रूप और आयशर मिलकर VECV उपक्रम के तहत मध्यम और भारी शुल्क वाले ट्रकों और बसों के निर्माण करते हैं

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भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक, महिंद्रा एंड महिंद्रा की उपस्थिति पीथमपुर में ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत करती है. एमएंडएम ने यहाँ विभिन्न समयों पर टू-व्हीलर से लेकर अन्य कंपोनेंट निर्माण इकाइयों का संचालन किया है. हालांकि, समय के साथ उत्पादन पोर्टफोलियो में बदलाव आया है, लेकिन इसकी सहायक और कंपोनेंट निर्माण इकाइयाँ आज भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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मान फ़ोर्स के ट्रक्स भी मध्य प्रदेश के पीथमपुर में ही बनाए जाते हैं यहां से अधिकतर ट्रक दुनियाभर में एक्सपोर्ट किए जाते हैं हैं. दशकों से चल रहे इस प्लांट का उद्देश्य भारत‌ की सड़कों के लिए टिकाऊ और शक्तिशाली ट्रकों का उत्पादन करना था, जो लंबी दूरी के परिवहन और निर्माण कार्यों की कठोर आवश्यकताओं को पूरा कर सकें. मैनफोर्स के ट्रक अपनी एडवांस टेक्नोलॉजी और क्वालिटी के लिए जाने जाते हैं.

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पीथमपुर में एक और बड़ी कंपनी मौजूद है एल&टी यानी लार्सन एंड टर्बो. यह कंपनी घरेलू और व्यावसायिक गाड़ियां तो नहीं बनती लेकिन हैवी लोड वाले व्हीकल जैसे बैकहो लोडर, एक्सकेवेटर, रोलर, पोकलेन मशीन एवं कंस्ट्रक्शन और एस्केवेशन से जुड़ी कहीं बड़े कईं व्हीकल्स बनाती है. एल&टी का यह प्लांट पी यहां दशकों से चल रहा है और देश भर में इस तरह के विकल्प की पूर्ति करता है. इन कारखानों ने हजारों लोगों को रोजगार भी दिया हुआ है.

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