इंदौर में एक प्रॉपर्टी डीलर का फॉर्च्यूनर खरीदने का सपना बस एक क्लिक से चूरचूर हो गया उसकी मेहनत की कमाई चंद सेकंड्स में ही साफ हो गई. इंदौर से एक 55 लाख रुपए की सायबर ठगी का मामला सामने आया है. शातिर ठगों ने उसे पहले USDT और बिटकॉइन का लालच दिया और उसके बाद ऑथेंटिकेशन के नाम पर सारे पैसे लूट लिए. पीड़ित हितेश प्रधान हाल ही में हुई एक प्रॉपर्टी डील के बाद आए पैसे से फॉर्च्यूनर खरीदना चाहते थे लेकिन पैसा दोगुना करने की लालच में आकर अपने 55 लाख रुपए गंवा बैठे. जानेंगे आखिर उन्होंने क्या गलती की और किन सावधानियां से इससे बचा जा सकता है.
दरअसल ठगी के मास्टरमाइंड मूर्तजा शफी और उसके साथी ताहिर माहुवाला को जो पता चला कि हितेश इन पैसों से फॉर्च्यूनर खरीदने जा रहे हैं तो दोनों ने उन्हें यह लालच दिखाया कि गाड़ी तो आती-जाती रहेगी. आपके पास जो पैसा है, उसे बस कुछ दिन के लिए USDT (यह एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी है, जिसका दाम लगभग डॉलर के बराबर रहता है) में लगा दीजिए. हम गारंटी देते हैं कि ये पैसा डबल हो जाएगा इससे आपकी एक क्या दो फॉर्च्यूनर आ जाएगी और आपके पास इतना ही पैसा सेव भी हो जाएगा.
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
साइबर सेल की आरक्षक अंजू पटेल ने बताया ति ठगों ने पहले डीलर से पैसे लिए और उससे USDT खरीदकर ट्रस्ट एप्प के वॉलेट में डाल दिए. ठाकुर ने बड़ी छात्र ने तरीके से थोड़ा कमीशन भी काट लिया ताकि सारा खेल असली लगे. बाद में करेंसी को ऑथेंटिकेट करने के लिए एक फर्जी लिंक भेजा जैसे ही डीलर ने इस लिंक पर क्लिक किया उसके वॉलेट से सारी 65000 USDT करेंसी गायब हो गई. बाद में जब डीलर ने ब्रोकर को फोन लगाया तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया.
जैसे ही डीलर साहब ने इंदौर की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई. उन्होंने डिजिटल सबूतों की मदद से इस ठगी के मास्टरमाइंड मूर्तजा शफी (48) और उसके साथी ताहिर माहुवाला (22) को धर दबोचा. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और चैट्स भी जब्त किए हैं वही आप सबूतों के आधार पर मास्टर ठग्स और पूरे नेटवर्क तक पुलिस पहुंचने की कोशिश कर रही है.
आप न करें ये गलती
• इस तरह के ठग बड़ी ही चालाकी से लोगों को फंसाते हैं वह चीजों को इस तरह से दिखाते हैं कि आपको सब कुछ सही नजर आता है. लेकिन कुछ सावधानियां आपको ठगी का शिकार होने से बचा सकती है.
• सबसे पहले तो कोई भी आपको क्रिप्टो में पैसा लगाकर अगर कुछ दिनों में डबल करने की बात कह रहा है तो उसपर यकीन बिल्कुल न करें, किसी भी स्कीम या डिजिटल करेंसी में पैसे इस तरह नहीं बढ़ते.
• जालसाज आप पर पैसा डालने के लिए दबाव बनाते हैं और जल्दी करने के लिए कहते हैं. धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी में कोई भी फैसला ना ले. आपकी अगर पूर्व में जान पहचान ना हो तो भरोसा करने से पहले जांच पर रख ले. ठग अक्सर यही करते हैं ताकि आप सोचने का मौका न पाएं.
• अगर आप डिजिटल करेंसी में भी निवेश कर रहे हैं तो उसे ऑथेंटिकेट करने के लिए किसी की दी हुई लिंक पर क्लिक न करें, खुद ही किसी वेरीफाइड सोर्स से ऑथेंटिकेट करें. ठग आपको SMS, WhatsApp या Email पर कोई लिंक भेजकर कह सकते हैं कि ‘आपका खाता ब्लॉक हो गया है’ या ‘वेरिफाई करें’. अनजान लिंक पर क्लिक न करें. लिंक पर क्लिक करते ही आपके फ़ोन का कंट्रोल ठगों के पास जा सकता है, या आपके वॉलेट से पैसे चोरी हो सकते हैं.
• अपने क्रिप्टो वॉलेट का सीड फ्रेज़ किसी को न दें. यह एक पासवर्ड की तरह है जिसे डालते ही कोई भी आपके डिजिटल वॉलेट का एक्सेस ले सकता है. इसे ना तो किसी को बताएं और ना ही किसी वेबसाइट पर ऑथेंटिकेशन के लिए डालें.