विदिशा के शंकर नगर स्थित राम जानकी मंदिर में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब ₹1.75 लाख कीमत का चोरी का सामान बरामद किया गया है।
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इस चोरी का खुलासा करने के लिए पुलिस ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इसमें 130 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 65 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई।
मंदिर के पास रहने वाले दीपक शर्मा ने 13 दिसंबर को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने रात में राम जानकी मंदिर के ताले तोड़कर चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली थी। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चोरों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोपाल के नारियल खेड़ा निवासी अफजल अली (32) और मालीखेड़ी, चोपड़ा कला, भोपाल निवासी अतिउल्लाह उर्फ आशु (30) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पेशेवर चोर हैं और उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों के कब्जे से तीन बड़े और दो छोटे चांदी के मुकुट, चांदी की नागफनी, करधोनी, ₹2600 नकद और चोरी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद किए गए कुल सामान की कीमत लगभग ₹1.75 लाख बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी भोपाल में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल के घर हुई चोरी में भी शामिल थे। उस घटना में दो लाइसेंसी रिवॉल्वर और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ था, जिसके बाद बागसेवनिया पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद राज, उप निरीक्षक गौरव रघुवंशी, सहायक उप निरीक्षक मुकेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक अमित सक्सेना सहित कोतवाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
