विदिशा में ई-रिक्शा चालकों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में एक लिखित शिकायत सौंपी। चालकों का आरोप है कि उन्हें शहर के प्रमुख स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर काम करने से रोका जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
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चालकों के अनुसार, रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 और 4, बस स्टैंड तथा अस्पताल परिसर में पेट्रोल-डीजल से चलने वाले ऑटो चालक उन्हें खड़ा नहीं होने देते। ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर पहुंचने पर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की जाती है, जिससे उन्हें वहां से हटना पड़ता है।
चालकों ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को जनसुनवाई में भी इस समस्या को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बुधवार को जब कुछ ई-रिक्शा चालक फिर स्टेशन पहुंचे तो दोबारा विवाद हो गया, जिसके बाद उन्होंने एसपी को दोबारा ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कोतवाली थाना और यातायात पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। ई-रिक्शा चालकों ने मांग की है कि शहर में उनके लिए निर्धारित स्थान तय किए जाएं और उन्हें समान रूप से काम करने का अधिकार मिले।
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि एक ओर सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है ताकि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण नियंत्रित हो, वहीं दूसरी ओर ई-वाहन चालकों को ही परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो कई परिवारों की आजीविका संकट में पड़ सकती है।