सांची दूध प्वाइंट शुरु कर हर महीने कर सकते हैं लाखों में कमाई

सांची दूध प्वाइंट शुरु कर हर महीने कर सकते हैं लाखों में कमाई


इंदौरः इंदौर में आप किसी एक विश्वासनीय ब्रांड के साथ जुड़कर आप अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो सांची पॉइंट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मिलावट के इस युग में सांची का दूध लोगों के लिए भरोसे वाला दूध है. इसकी शुद्धता और गुणवत्ता की वजह से अधिकतर लोग खुले दूध के बजाय सांची दूध को प्राथमिकता देते हैं. हालांकि यह काम जितना आसान दिखता है उतना ही कठिन भी है.

सांची पॉइंट पर सांची दुग्ध संघ के बूथ के माध्यम से दूध का वितरण किया जाता है. इसके साथ ही सांची अन्य प्रोडक्ट्स जैसे छाछ, दही, श्रीखंड, मक्खन इत्यादि भी रखता है, जिनको बेचकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है.

कैसे शुरू हुई सांची दूध प्वाइंट

उन्होंने हमें बताया कि इसके लिए ​सबसे पहले सांची दुग्ध संघ के मांगलिया में मौजूद क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर आपको एक आवेदन फॉर्म भरना होता है. जिसमें अपनी जगह की जानकारी जैसे पता, जगह की जरुरत इत्यादि बताना होता है. दरअसल सांची अलग अलग समय पर पार्लर आवंटित करता है इसके लिए वहां से आवंटन की वर्तमान स्थिति पता करनी होती है.

आमतौर पर, एक छोटा सा काउंटर या दुकान 10*10 फीट में खुल जाता है. इसके लिए ऐसी जगह चुननी होती है जहाँ लोगों का आना-जाना ज़्यादा हो, जैसे कि रिहायशी कॉलोनी के बाज़ार, व्यस्त चौराहा, स्कूल/कॉलेज के पास या अस्पताल के आस-पास सांची पार्लर खोला जा सकता है. पहली बार आवेदन के समय आपको 51 हजार (समय अनुसार इसमें बदलाव होती रहता है) का डिपाजिट देना पड़ता है जिसमें साल भर की लीज़ भी शामिल होती है.

एक लीटर पर मिलता है इतना कमीशन

कमाई की बात करें तो सांची पार्लर पर सबसे ज्यादा बिक्री दूध की होती है. दुग्ध संघ पार्लर संचालक को प्रति लीटर पर 3 रुपए का कमीशन देता हैं. पार्लर से अधिकतर आसपास के रहवासी/ऑफिस यह दुकानदारदूध लेते हैं। ‌अगर आप 1 दिन में 1000 लीटर दूध भी बेचते हैं तो 3 हजार रुपए की कमाई केवल दूध से कर सकते हैं जो की महीने की 90 हजार रुपये होता है. आमतौर पर, सांची के उत्पादों पर 5% से 15% तक का कमीशन/मार्जिन मिलता है. इसके अलावा पॉइंट पर आप चाय, समोसे लेकर अन्य स्नैक्स और सांची के ही दूसरे प्रोडक्ट्स बेचकर भी कमाई कर सकते हैं.

लगती है मेहनत

हालांकि यह काम जितना आसान दिखता है उतने ही अनुशासन की इसमें जरूरत है. पप्पू ने बताया कि इसके लिए वह रोजाना बिना छुट्टी किए सुबह 4 बजे से उठकर दूध बांटना शुरू कर देते हैं. ठंड,गर्मी, बरसात या कोई आपदा वह अपना काम नहीं रख सकते क्योंकि हर किसी को सुबह की चाय तो चाहिए ही. उन्होंने कोरोना काल में भी बिना रुके लगातार दूध का काम किया था. जबकि पिछले 25 साल में उन्होंने केवल एक दिन छुट्टी की है.



Source link