सागर में आय से अधिक संपत्ति के 6 साल पुराने मामले में विशेष कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। देवरी तहसील की प्राथमिक आदिम जाति समिति रसेना के तत्कालीन सहायक समिति प्रबंधक चंद्रशेखर ढिमोले को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की कोर
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अभियोजन के मुताबिक, लोकायुक्त सागर को शिकायत मिली थी कि चंद्रशेखर ढिमोले ने काली कमाई कर बेहिसाब संपत्ति जुटाई है। अगस्त 2019 में टीम ने देवरी के तिलक वार्ड स्थित उसके मकान पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि ‘चेक पीरियड’ के दौरान आरोपी की कुल आय 68 लाख 64 हजार रुपए थी, जबकि उसने 1 करोड़ 27 लाख 18 हजार रुपए खर्च कर दिए थे।
हिसाब नहीं दे पाया, 58 लाख की गड़बड़ी निकली
जांच में आरोपी के पास आय से 58 लाख 54 हजार 129 रुपए की ज्यादा संपत्ति (अनुपातहीन) पाई गई। वह इसका कोई हिसाब नहीं दे सका। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोर्ट में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सबूत और दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने अब उसे दोषी मानते हुए जेल और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।