Agriculture: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है, जिससे खेतों में पाला गिरने की आशंका बढ़ गई है. किसान सलाहकार अनुपम चतुर्वेदी ने लोकल 18 को बताया कि ज्यादा ठंड और कोहरे के चलते फसलों में झुलसा रोग, कीट और पाला लगने की संभावना बढ़ जाती है. इसीलिए किसान फसलों की जल्दी-जल्दी सिंचाई करने से मिट्टी में गर्माहट बनी रहती है और पौधे पाले के प्रभाव से बच जाते हैं. साथ ही सल्फर आधारित स्प्रे और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स पौधों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. अनुपम के अनुसार, अगर पौधों में किसी पोषक तत्व की कमी है, तो वह फसल सबसे पहले पाले का शिकार होती है, इसलिए समय पर पोषक तत्वों का छिड़काव बेहद जरूरी है. लेकिन इनमें सबसे प्रभावी और देसी तरीका है. खेत के चारों ओर पैरा जलाकर धुआं करना.